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मकान की खरीद-फरोख्त में 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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एक महिला द्वारा एक व्यक्ति के साथ मकान की खरीद-फरोख्त में बीस लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मटौर निवासी बीरमती देवी ने बताया कि वह इस समय मधुबन में रह रही है। वे यहां मटौर में भी आते-जाते रहते थे। 2010 में श्रीराम उर्फ लाला निवासी कलायत नाम का व्यक्ति उन्हें मिला। उसने डेरा सच्चा सौदा कैथल के सामने लकड़ी का आरा लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक मकान लेना है तो उसने उन्हें अपना मकान दिखा दिया। ये मकान कैथल में प्यौदा रोड पर करीब 246.66 वर्ग गज में बना हुआ था। आरोपी ने श्रीराम उर्फ लाला द्वारा मकान मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम निवासी न्यू प्यौदा रोड कैथल के साथ उनकी बात करवाई। इसके बाद उन्होंने 12 लाख रुपये में इस मकान को खरीद लिया। बाद में इसकी रजिस्टरी व इंतकाल भी करवा लिया। मकान मालिक के कहने पर उन्होंने रजिस्ट्री 12 की बजाए 4,94,000 रुपये में करवा ली। इसके बाद वे इस मकान में रहने लगे। वर्ष 2017 में उनके मकान पर कोर्ट की तरफ से मकान खाली करने का नोटिस लगा दिया गया। जब उन्होंने मकान मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम वासी न्यु प्यौदा रौड कैथल से बातचीत की तो उन्होंने नोटिस के बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया और कहा कि वह इसका समाधान करवा लेगी। मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम बार-बार बुलाने पर भी हमसे मिलने नहीं आई। बाद में अदालत के निर्देशानुसार उन्हें मकान खाली करना पड़ा। कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि इस मकान पर वर्ष 2009 से केस चला हुआ था। यह मकान तो हरिराम पुत्र दिवानचंद जाति ब्राह्मण वासी तरखा थाना उचांना जिला जींद के नाम था। कृष्णा देवी ने सब कुछ जानते हुए उनके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायत कर्ता का कहना है कि उसने 12 लाख में मकान खरीदने के साथ आठ लाख रुपये उसकी मरम्मत पर लगाए थे।
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पुलिस को दी शिकायत में मटौर निवासी बीरमती देवी ने बताया कि वह इस समय मधुबन में रह रही है। वे यहां मटौर में भी आते-जाते रहते थे। 2010 में श्रीराम उर्फ लाला निवासी कलायत नाम का व्यक्ति उन्हें मिला। उसने डेरा सच्चा सौदा कैथल के सामने लकड़ी का आरा लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक मकान लेना है तो उसने उन्हें अपना मकान दिखा दिया। ये मकान कैथल में प्यौदा रोड पर करीब 246.66 वर्ग गज में बना हुआ था। आरोपी ने श्रीराम उर्फ लाला द्वारा मकान मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम निवासी न्यू प्यौदा रोड कैथल के साथ उनकी बात करवाई। इसके बाद उन्होंने 12 लाख रुपये में इस मकान को खरीद लिया। बाद में इसकी रजिस्टरी व इंतकाल भी करवा लिया। मकान मालिक के कहने पर उन्होंने रजिस्ट्री 12 की बजाए 4,94,000 रुपये में करवा ली। इसके बाद वे इस मकान में रहने लगे। वर्ष 2017 में उनके मकान पर कोर्ट की तरफ से मकान खाली करने का नोटिस लगा दिया गया। जब उन्होंने मकान मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम वासी न्यु प्यौदा रौड कैथल से बातचीत की तो उन्होंने नोटिस के बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया और कहा कि वह इसका समाधान करवा लेगी। मालिक कृष्णा पत्नी हरिराम बार-बार बुलाने पर भी हमसे मिलने नहीं आई। बाद में अदालत के निर्देशानुसार उन्हें मकान खाली करना पड़ा। कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि इस मकान पर वर्ष 2009 से केस चला हुआ था। यह मकान तो हरिराम पुत्र दिवानचंद जाति ब्राह्मण वासी तरखा थाना उचांना जिला जींद के नाम था। कृष्णा देवी ने सब कुछ जानते हुए उनके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायत कर्ता का कहना है कि उसने 12 लाख में मकान खरीदने के साथ आठ लाख रुपये उसकी मरम्मत पर लगाए थे।