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अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर भागा कैदी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/कैथ्ाल
Updated Fri, 24 Jul 2015 12:10 AM IST
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10 माह पहले सामान्य अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार कैदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिलीप सिंह उर्फ तीर्थ 7 सितंबर 2014 को फरार हो गया था।
सीआईए वन पुलिस टीम ने आरोपी को गांव बाकल से गिरफ्तार कर लिया। दिलीप सिंह ने संपत्ति हड़पने के लिए अपने भाई की कुएं में धकेल दिया था। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। ब्लड प्रेशर जांच के लिए उसे सामान्य अस्पताल लाया गया।
ईएसआई बलवंत सिंह व सिपाही करनैल सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। सिपाही करनैल सिंह खाना खाने घर चला गया। जबकि दिलीप ने बलवंत सिंह से कहा कि उसे बाथरूम जाना है। इस दौरान वह मौका मिलते ही फरार हो गया। लापरवाही बरतने पर एसपी ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया था। सिपाही करनैल सिंह ने बताया कि उसने दिलीप सिंह की रेकी शुरू कर दी।
कुछ युवक गांव बाकल में तैनात किए। दिलीप सिंह 2-3 माह में एक बार अपने घर पत्नी व बच्चों से मिलने आता था। सीआईए पुलिस ने सिपाही करनैल सिंह की सूचना पर उसे धर-दबोचा। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
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सीआईए वन पुलिस टीम ने आरोपी को गांव बाकल से गिरफ्तार कर लिया। दिलीप सिंह ने संपत्ति हड़पने के लिए अपने भाई की कुएं में धकेल दिया था। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। ब्लड प्रेशर जांच के लिए उसे सामान्य अस्पताल लाया गया।
ईएसआई बलवंत सिंह व सिपाही करनैल सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। सिपाही करनैल सिंह खाना खाने घर चला गया। जबकि दिलीप ने बलवंत सिंह से कहा कि उसे बाथरूम जाना है। इस दौरान वह मौका मिलते ही फरार हो गया। लापरवाही बरतने पर एसपी ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया था। सिपाही करनैल सिंह ने बताया कि उसने दिलीप सिंह की रेकी शुरू कर दी।
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कुछ युवक गांव बाकल में तैनात किए। दिलीप सिंह 2-3 माह में एक बार अपने घर पत्नी व बच्चों से मिलने आता था। सीआईए पुलिस ने सिपाही करनैल सिंह की सूचना पर उसे धर-दबोचा। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
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