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Kaithal News: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत किया जागरूक
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महिलाओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति जागरूक करते हुए।
राजौंद। गांव खेड़ी सिंबल वाली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कसान सर्कल की सुपरवाइजर सावित्री देवी और नीलम के मार्गदर्शन में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत समाज को जागरूक करना रहा।
इस दौरान सर्कल सुपरवाइजर सावित्री देवी ने बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना, भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने राजौंद की स्वर्ण पदक विजेता शगनदीप का उदाहरण देते हुए बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बेटियों के महत्व, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
सभी ने मिलकर लिंग जांच न करवाने और अभियान को सफल बनाने की शपथ भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीटा ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों में लड़का-लड़की का भेदभाव न करें और बेटियों की शिक्षा में किसी प्रकार की हिचकिचाहट न रखें। इस मौके पर रीटा, सुमन, केलो और बिमला उपस्थित रहे।
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इस दौरान सर्कल सुपरवाइजर सावित्री देवी ने बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना, भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने राजौंद की स्वर्ण पदक विजेता शगनदीप का उदाहरण देते हुए बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बेटियों के महत्व, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
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सभी ने मिलकर लिंग जांच न करवाने और अभियान को सफल बनाने की शपथ भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीटा ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों में लड़का-लड़की का भेदभाव न करें और बेटियों की शिक्षा में किसी प्रकार की हिचकिचाहट न रखें। इस मौके पर रीटा, सुमन, केलो और बिमला उपस्थित रहे।

महिलाओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति जागरूक करते हुए।
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