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Kaithal News: श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के चेक बाउंस के मामले में अदालत ने आरोपी को किया बरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:23 PM IST
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Court acquits accused in Shriram Transport Finance Company Limited cheque bounce case.
कैथल। न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कैथल संदीप कौर की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने धारा 138/142 नेगोशेबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत सूबे सिंह निवासी मोहल्ला बोधाणीमा वाली चौपाल, कैथल के खिलाफ 14 नवंबर 2019 में न्यायालय में शिकायत दायर की थी। शिकायतकर्ता कंपनी की ओर से अपनी शिकायत में कहा गया कि आरोपी सूबे सिंह ने अपने वाहन पर लोन प्राप्त करने के उद्देश्य से शिकायतकर्ता कंपनी से संपर्क किया था, जिसे कंपनी की ओर से 4,80,000 रुपये का लोन स्वीकृत किया गया।
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ऋण को आसान मासिक किस्तों में चुकाया जाना था और अभियुक्त ने ब्याज सहित किश्तों का भुगतान करने को कहा था लेकिन अभियुक्त ने अधिकांश किश्तों का भुगतान नहीं किया। आरोपी सूबे सिंह ने शिकायतकर्ता श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड से प्राप्त ऋण के संबंध में शिकायतकर्ता के पक्ष में एक चेक 11 सितंबर 2019 को 4,80,000 रुपये की राशि जारी की। श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी सूबे सिंह की ओर से दिया गया चेक फंडस पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकार हो गया।
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बचाव पक्ष से एडवोकेट ने अदालत में अपनी दलील में कहा कि सूबे सिंह ने शिकायतकर्ता कंपनी से कभी कोई ऋण प्राप्त नहीं किया था। विवादित चेक पर अभियुक्त के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऋण के लिए आवेदन करते समय शिकायतकर्ता कंपनी के अधिकारियों ने अभियुक्त से कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे जिनका बाद में दुरुपयोग किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने निर्णय दिया कि शिकायतकर्ता श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड कानूनी रूप से सूबे सिंह पर ऋण साबित करने में विफल रही। इसके कारण संदेह का लाभ देते हुए, न्यायालय ने आरोपी सूबे सिंह को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया।
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