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बारिश से बढ़ी ठंडक, किसानों की टूटी कमर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 02:27 AM IST
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Coolness increased due to fall in temperature
एक सप्ताह में जिले में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस हो गया है। रविवार को मौसम में परिवर्तन के कारण 4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिस कारण ठंड बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अचानक हुए मौसम परिवर्तन से सर्दी, खांसी व जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
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रविवार को बारिश के बाद तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं के चलने से ठंड का अहसास होने लगा है। रविवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
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वहीं, न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। ठंड का अहसास होते ही लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। सुबह के समय हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण कैथल अनाज मंडी में भी धान की खरीद का कार्य प्रभावित हुआ है। धान की फसल में नमी बढ़ जाने के कारण तय मापदंडों पर इसकी खरीद संभव नहीं हैं। जिस कारण खरीदारों ने कदम पीछे खींचें। अब मौसम साफ होने पर सूख जाने के बाद ही भीग गए धान की खरीद होगी।
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सीएमओ डा. जयंत आहुजा ने बताया कि अचानक से जो मौसम में बदलाव आया है। उसके तहत बच्चों को गर्म कपड़े जल्दी पहनाने होंगे। इसके अलावा नारियल, मूंगफली, ताजे फल खाकर मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली खांसी व जुकाम जैसी सामान्य
बीमारियों से बचा जा सकता है। वायरल बुखार इस समय मौसम परिवर्तन के कारण ही है। आवश्यक सावधानी बरतते हुए इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
बारिश से नहीं, हवाओं से हुआ नुकसान
कृषि उपनिदेश डॉ. कर्मचंद ने बताया कि जिले में बारिश तो कम हुई है। जो राहत की बात हे। लेकिन जो हवाएं चल रही हैं, उनके कारण जिस क्षेत्र में धान गिर जाएगी, वहां नुकसान हो सकता है। बारिश से तो बल्कि वातावरण शुद्ध हुआ है। जो वातावरण में धुंआ रहता था, वह पूरी तरह से साफ हो गया है। किसान धान की फसलों में पानी न लगाएं, तेज हवाएं चल रही है। यदि फसल गिर जाती है तो किसान मौसम साफ होने पर ही उसकी कटाई करवाएं।
25 अक्तूबर के बाद होगी गेहूं की बिजाई
कृषि समन्वयक डॉ. रमेश चंद वर्मा ने बताया कि बूंदाबांदी होने से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट हुई है। तेज हवाओं के चलते ठंडक बढ़ी है। किसान फसलों में पानी न दें। फसलों में अभी कोई नुकसान नहीं है। रबी की फसल की बिजाई 25 अक्तूबर के बाद होनी है। इस समय सरसों की बिजाई चल रही है। जिसको किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। इसके बाद ही गेहूं की बिजाई की जाएगी।
बारिश के पानी के साथ सीवरेज में बह गई धान
कलायत। कलायत मार्केट कमेटी के लचर प्रबंधों के कारण किसानों द्वारा अनाज मंडी में डाली गई धान बड़े पैमाने पर सीवरेज में बह गई। किसानों ने अपने स्तर पर हाथ-पांव मारकर सीवरेज में बहती धान को रोकने का प्रयास किया। लेकिन उनके प्रयास विफल रहे।
किसान सुनील, संदीप, धर्मपाल, सुरेंद्र, मंदीप और राजेश ने कहा कि मौसम विभाग पहले ही बरसात की संभावना बता चुका था। बावजूद इसके जानबूझकर मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसियां धान खरीद में कोताही पर कोताही बरत रही थी। निर्धारित समय की बजाए खरीद कार्य को लटकाए रखा गया। इस बार सीजन की शुरूआत से ही चल रही परेशानियों के बीच रविवार सुबह हुई बरसात ने किसानों की फिर कमर तोड़ दी। धान मंडी में भीगकर खराब हो गई। कलायत अनाज मंडी में किसानों द्वारा बेचने के लिए लाई गई धान के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी गई धान भी भीग गई। यदि समय रहते उठान व खरीद कार्य को सुचारु रूप चलाया जाता तो इस प्रकार की नौबत पैदा न होती।

कलायत मार्केट कमेटी सचिव अरविंद ने बताया कि खराब मौसम के चलते उन्होंने किसानों और आढ़तियों से मंडी में आई फसल को सुरक्षित रखने की अपील की थी। इसके साथ ही कमेटी की तरफ से व्यवस्था बनाते हुए बरसात में धान को सुरक्षित रखने का कार्य किया गया।
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