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Kaithal News: कब्रिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण रुकवाया
Thu, 27 Mar 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन/कैथल। सीवन खंड के मलिकपुर गांव में वक्फ बोर्ड की दो एकड़ जमीन पर बुधवार को तनाव की स्थिति बन गई। गांव में खुराना रोड पर खेल स्टेडियम के पास स्थित इस जमीन पर मुस्लिम समाज के लोगों का कब्रिस्तान है। विवाद की वजह बना चहारदीवारी का काम ग्रामीणों ने रुकवा दिया।
दूसरी ओर प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि कोर्ट के फैसले तक इसका निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि यह विवादित जमीन 1984 से पहले ग्राम पंचायत के नाम थी, लेकिन बाद में यह वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज बताई जा रही है। यह जमीन किस प्रक्रिया के तहत वक्फ बोर्ड के पास चली गई, इसकी जानकारी आज तक किसी को नहीं मिल सकी है। इस मुद्दे पर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने मौके
पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में रखा, क्योंकि यह मामला कोर्ट में है तो सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस विवादित जमीन के भविष्य का फैसला करेगा। विवाद की गंभीरता को
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देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
गुहला डीएसपी कुलदीप सिंह और सीवन एसएचओ कुलदीप देशवाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके अलावा, जिला प्रशासन की ओर से गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह और सीवन बीडीपीओ नेहा शर्मा भी मौके पर मौजूद रहीं।
कोर्ट में है मामला ः इस समय यह मामला अदालत में मामला विचाराधीन है। ग्रामीणों ने इस जमीन को दोबारा ग्राम पंचायत में लाने के लिए अंबाला वक्फ बोर्ड टर्मिनल कोर्ट में केस भी दायर किया हुआ है, जो अभी विचाराधीन है।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक इस जमीन पर कोई गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।
गांव की सरपंच परमजीत कौर के पति तरसेम सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन
को ग्राम पंचायत का लिखित प्रस्ताव भी दिया हुआ है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक कब्रिस्तान की चहारदीवारी न निकाली जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो गांव में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।
उधर, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जब तक कोर्ट से इस मामले में कोई फैसला नहीं आता। तब तक कब्रिस्तान की चहारदीवारी का कार्य नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
पंचायत का फैसला ः निर्माण नहीं होने दिया जाएगा
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत बुलाई, जिसमें सैंकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत में गांव के पूर्व सरपंच मेजर सिंह, साहब सिंह, बच राम, संजू ठेकेदार, वकील सिंह, राजेश कुमार, रामकुमार, भरत सिंह, बलवीर सिंह, मनोज कुमार, सतीश सिंह, मलकिंदर, ईश्वर सिंह, जैसा, राजेश और राजेंद्र शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। पंचायत में सभी ने एकमत होकर फैसला किया कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक कब्रिस्तान में कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
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सीवन/कैथल। सीवन खंड के मलिकपुर गांव में वक्फ बोर्ड की दो एकड़ जमीन पर बुधवार को तनाव की स्थिति बन गई। गांव में खुराना रोड पर खेल स्टेडियम के पास स्थित इस जमीन पर मुस्लिम समाज के लोगों का कब्रिस्तान है। विवाद की वजह बना चहारदीवारी का काम ग्रामीणों ने रुकवा दिया।
दूसरी ओर प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि कोर्ट के फैसले तक इसका निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि यह विवादित जमीन 1984 से पहले ग्राम पंचायत के नाम थी, लेकिन बाद में यह वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज बताई जा रही है। यह जमीन किस प्रक्रिया के तहत वक्फ बोर्ड के पास चली गई, इसकी जानकारी आज तक किसी को नहीं मिल सकी है। इस मुद्दे पर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने मौके
पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में रखा, क्योंकि यह मामला कोर्ट में है तो सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस विवादित जमीन के भविष्य का फैसला करेगा। विवाद की गंभीरता को
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देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
गुहला डीएसपी कुलदीप सिंह और सीवन एसएचओ कुलदीप देशवाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके अलावा, जिला प्रशासन की ओर से गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह और सीवन बीडीपीओ नेहा शर्मा भी मौके पर मौजूद रहीं।
कोर्ट में है मामला ः इस समय यह मामला अदालत में मामला विचाराधीन है। ग्रामीणों ने इस जमीन को दोबारा ग्राम पंचायत में लाने के लिए अंबाला वक्फ बोर्ड टर्मिनल कोर्ट में केस भी दायर किया हुआ है, जो अभी विचाराधीन है।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक इस जमीन पर कोई गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।
गांव की सरपंच परमजीत कौर के पति तरसेम सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन
को ग्राम पंचायत का लिखित प्रस्ताव भी दिया हुआ है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक कब्रिस्तान की चहारदीवारी न निकाली जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो गांव में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।
उधर, प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जब तक कोर्ट से इस मामले में कोई फैसला नहीं आता। तब तक कब्रिस्तान की चहारदीवारी का कार्य नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
पंचायत का फैसला ः निर्माण नहीं होने दिया जाएगा
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत बुलाई, जिसमें सैंकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत में गांव के पूर्व सरपंच मेजर सिंह, साहब सिंह, बच राम, संजू ठेकेदार, वकील सिंह, राजेश कुमार, रामकुमार, भरत सिंह, बलवीर सिंह, मनोज कुमार, सतीश सिंह, मलकिंदर, ईश्वर सिंह, जैसा, राजेश और राजेंद्र शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। पंचायत में सभी ने एकमत होकर फैसला किया कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक कब्रिस्तान में कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।