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चीका पालिका से पार्षद का इस्तीफा
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Wed, 23 Jul 2014 11:54 PM IST
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गुहला-चीका। नगर पालिका चीका से वार्ड नंबर 16 के पार्षद सुरजीत सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। पार्षद ने पिछले चार साल में वार्ड में विकास न होने से क्षुब्ध होकर यह फैसला लिया है। पार्षद सुरजीत कुमार डीसी को अपना इस्तीफा भेजकर कई गंभीर मुद्दों को उठाकर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रधान संतोष देवी, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल व पालिका प्रशासन विकास में भेदभाव कर रहे हैं। वे अपने वार्ड में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नालियां, सड़कों के निर्माण का आग्रह करते हैं, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हो रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले नगर पालिका चीका ने वार्ड 16 के डेरा भाग सिंह के एक हिस्से को अवैध करार देते हुए उसके नए नक्शे पास करने बंद कर दिए। वहां पहले से बने मकानों के लिए गली, नाली या सीवरेज की सुविधा देने से भी इंकार कर दिया। नगर पालिका की 30 जून 2014 की आम सभा में डेरा भाग सिंह को अवैध ठहराए जाने के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा था।
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सभी सदस्यों व पालिका अधिकारियों ने मीटिंग में सीधे सीधे मान लिया कि डेरा भाग सिंह के एक हिस्से को अवैध ठहराया जाना एक लिपिकीय गलती है। लेकिन इसे ठीक करने के लिए आगामी मीटिंग तक दस्तावेजों सहित बात करने की बात कहकर मामले को लटका दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा पिछले साल चीका में की गई गुहला विकास रैली के दौरान नगर पालिका क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की गई थी। इसमें जारी एक लिस्ट में इस ग्रांट में से 10 लाख रुपये डेरा भाग सिंह में सीवरेज के लिए खर्च होना बताया गया था। लेकिन यहां कोई पैसा खर्च नहीं हुआ।
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उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रधान संतोष देवी, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल व पालिका प्रशासन विकास में भेदभाव कर रहे हैं। वे अपने वार्ड में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नालियां, सड़कों के निर्माण का आग्रह करते हैं, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हो रहा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले नगर पालिका चीका ने वार्ड 16 के डेरा भाग सिंह के एक हिस्से को अवैध करार देते हुए उसके नए नक्शे पास करने बंद कर दिए। वहां पहले से बने मकानों के लिए गली, नाली या सीवरेज की सुविधा देने से भी इंकार कर दिया। नगर पालिका की 30 जून 2014 की आम सभा में डेरा भाग सिंह को अवैध ठहराए जाने के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा था।
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सभी सदस्यों व पालिका अधिकारियों ने मीटिंग में सीधे सीधे मान लिया कि डेरा भाग सिंह के एक हिस्से को अवैध ठहराया जाना एक लिपिकीय गलती है। लेकिन इसे ठीक करने के लिए आगामी मीटिंग तक दस्तावेजों सहित बात करने की बात कहकर मामले को लटका दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा पिछले साल चीका में की गई गुहला विकास रैली के दौरान नगर पालिका क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की गई थी। इसमें जारी एक लिस्ट में इस ग्रांट में से 10 लाख रुपये डेरा भाग सिंह में सीवरेज के लिए खर्च होना बताया गया था। लेकिन यहां कोई पैसा खर्च नहीं हुआ।