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जिला नागरिक अस्पताल में एक माह से बंद पड़े कंप्यूटर, ई-उपचार सेवा ठप
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Computers, e-treatment service stalled in District Civil Hospital for one month
- फोटो : Kaithal
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जिला नागरिक अस्पताल में पिछले करीब एक माह से ऑनलाइन कार्य बंद पड़ा है। कंप्यूटरों में बिजली सप्लाई बंद होने के कारण ई-उपचार से लेकर डिस्पेंसरी तक में सेवाएं ठप पड़ी हैं। ऐसे में कर्मचारियों को मजबूरन मैन्युअल तरीके से काम चलाना पड़ रहा है। ई-उपचार, ऑनलाइन ओपीडी स्लिप से लेकर ओटी सहित अन्य कई प्रकार की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसा नहीं है कि इस बारे विभाग के अधिकारियों को पता न हो, लेकिन करीब एक महीना बीतने के बाद भी अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
ओपीडी स्लिप ऑनलाइन काटने में कर्मचारियों को केवल 30 सेकंड का समय लगता है, लेकिन मैन्युअल तरीके से स्लिप काटने में करीब दो मिनट तक कर्मचारियों को लग रहे हैं। जो मरीज पर्ची कटवाते हैं, उनके डाटा से संबंधित जानकारी रजिस्टरों में दर्ज की जा रही है। दवाओं के स्टोर में भी यही हालात हैं। ई-उपचार जैसी सेवाएं भी बंद हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि अब तो वे रजिस्टरों में एंट्री कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही कंप्यूटर शुरू होंगे, सारा डाटा ऑनलाइन किया जाएगा। ऐसे में एक काम को उन्हें दो-दो बार करना पड़ेगा। इसमें समय भी दोगुने से ज्यादा लगेगा।
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस बैटरी सिस्टम से कंप्यूटरों की बिजली सप्लाई को जोड़ा गया है, वे बिल्कुल खराब हो चुकी हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने इस समस्या बारे शुरू में ही मुख्यालय को पत्र लिखकर अवगत करवा दिया था, लेकिन अभी तक यहां नई बैटरी नहीं पहुंची हैं। विभाग की लेटलतीफी का खामियाजा कर्मचारियों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि समस्या के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। नई बैटरियां भेजने के लिए पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह नई बैटरी लग जाएंगी। विभाग जल्द से जल्द समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है।
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ओपीडी स्लिप ऑनलाइन काटने में कर्मचारियों को केवल 30 सेकंड का समय लगता है, लेकिन मैन्युअल तरीके से स्लिप काटने में करीब दो मिनट तक कर्मचारियों को लग रहे हैं। जो मरीज पर्ची कटवाते हैं, उनके डाटा से संबंधित जानकारी रजिस्टरों में दर्ज की जा रही है। दवाओं के स्टोर में भी यही हालात हैं। ई-उपचार जैसी सेवाएं भी बंद हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि अब तो वे रजिस्टरों में एंट्री कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही कंप्यूटर शुरू होंगे, सारा डाटा ऑनलाइन किया जाएगा। ऐसे में एक काम को उन्हें दो-दो बार करना पड़ेगा। इसमें समय भी दोगुने से ज्यादा लगेगा।
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स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस बैटरी सिस्टम से कंप्यूटरों की बिजली सप्लाई को जोड़ा गया है, वे बिल्कुल खराब हो चुकी हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने इस समस्या बारे शुरू में ही मुख्यालय को पत्र लिखकर अवगत करवा दिया था, लेकिन अभी तक यहां नई बैटरी नहीं पहुंची हैं। विभाग की लेटलतीफी का खामियाजा कर्मचारियों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि समस्या के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। नई बैटरियां भेजने के लिए पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह नई बैटरी लग जाएंगी। विभाग जल्द से जल्द समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है।