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Kaithal News: शीतलहर से बढ़ी ठंड, नागरिक अस्पताल में कांप रहे मरीज

Mon, 05 Jan 2026 03:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 05 Jan 2026 03:26 AM IST
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Cold wave increases cold, patients shiver in hospital
नागरिक अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
कैथल। जिले में रविवार को सुबह से ही शाम तक शीतलहर चलने से मौसम अधिक ठंडा हो गया है। ठंडी हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं ठंड बढ़ने के साथ नागरिक अस्पताल में ठंड से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हाेने से मरीज कांप रहे है। कई वार्डाे में भर्ती मरीजों को कंबल के नाम पर सिर्फ एक मोटी चादर दी जा रही है। यहां भर्ती मरीजों का हालचाल जानने या उपचार के लिए डाक्टर रात को राउंड पर नहीं आते। स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के भरोसे ही मरीज सेहत में सुधार की आस में रहते हैं।
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जानकारी के अनुसार अस्पताल में रोजाना 1800 से 2000 के करीब ओपीडी है। 100 बेड हैं और हाल ही में इसमें बच्चों के लिए 12 बेड का आईसीयू भी जोड़ा गया है। इसके बाद भी ठंड में मरीजों को उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में सर्जरी वार्ड, मेडिसिन वार्ड, ड्रग-डी एडिक्शन वार्ड में भर्ती मरीजों ने अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने ये भी बताया कि जो कंबल दिए गए हैं, वो बहुत पतले हैं।
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घर से लाए कंबल को डबल कर कड़ाके की ठंड से बचने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ठंड नहीं रुक रही, क्योंकि ग्लूकोज आदि चढ़ने के बाद और ठंड लगती है। यहां पर हीटर की व्यवस्था भी नही है। ट्रामा सेंटर में शाम या रात को कोई दिल का मरीज आया तो उसकी ईसीजी करवा कर व्हाट्एसप पर रिपोर्ट भेज दी जाती है। दूसरी ओर से व्यस्त डाक्टर वहीं से दवाई या अन्य उपचार लिख कर भेज देता है।
जब मरीज को भर्ती कर लिया जाता है तो रात को नर्स भी नींद के चलते स्वीपर या अन्य किसी सहायक को बीपी, तापमान करने या ग्लूकोज की बोतल उतारने को भेज देती हैं क्योंकि उन्हें भी किसी डाक्टर के आने का डर नहीं होता।

पाले से फसलों को नुकसान की आशंका : कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि पाला जमने से सरसों, आलू और सब्जियों की फसलों पर असर पड़ सकता है। कई किसानों ने सुबह खेतों में जाकर फसलों पर जमी बर्फ जैसी परत देखी। किसानों में हरसौला के ईश्वर का कहना है कि अगर अगले दो-तीन दिन भी इसी तरह पाला पड़ा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। पाले से फसलों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। किसान रात के समय हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान संतुलित रहे। इसके अलावा खेतों के चारों ओर धुआं करने से भी पाले का असर कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बूंदाबांदी होती है तो इससे पाले का असर कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन ठंड और बढ़ेगी। संवाद

नागरिक अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

नागरिक अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

नागरिक अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

नागरिक अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

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