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Kaithal News: कृषि महाविद्यालय कौल में धरना दे रहे छात्रों के समर्थन में आए ग्रामीण
Tue, 17 Jun 2025 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:57 AM IST
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ढांड। कृषि महाविद्यालय कौल में कृषि विश्वविद्यालय हिसार में शांतिपूर्ण धरना दे रहे छात्रों पर वीसी की मौजूदगी में लाठीचार्ज करने के विरोध में सोमवार को भी विद्यार्थियों ने रोष जताया और धरना दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीण भी उनके समर्थन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नही होती तब तक वह उनके संघर्ष में उनके साथ रहेंगे। ग्रामीणों ने कृषि विश्वविद्यालय हिसार में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की है और सरकार से वीसी को बर्खास्त करने की मांग की।
ग्रामीण रामपाल ने कहा कि 1972 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसी लाल और पूंडरी हलके का नेतृत्व कर रहे तत्कालीन विधायक एवं प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन चौ. ईश्वर सिंह के बीच एक करार हुआ था। जिसमें लिखा गया था कि कौल ग्राम पंचायत कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि 99 वर्ष के लिए पट्टे पर देने का इकरार करती है। इसके बदले कृषि विश्वविद्यालय एक रुपया प्रति वर्ष पट्टे के तौर ग्राम पंचायत को देगा और 5 सीटें कौल गांव के बच्चों के लिए पढ़ाई में आरक्षित रहेंगी। इन सीटों को अब वीसी हिसार ने अपनी मनमर्जी से कम कर दिया है और इसके अलावा कई अन्य फरमान जारी कर छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उनकी वार्षिक परीक्षाएं चल रही है। सोमवार को भी हमारी परीक्षा थी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के तानाशाह रवैये के चलते उन्होंने वार्षिक परीक्षाओं का बहिष्कार किया हुआ है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनकी मांगे माने जाने तक और वीसी को बर्खास्त किए जाने तक वार्षिक परीक्षाओं को बहिष्कार जारी रहेगा। संवाद
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ग्रामीण रामपाल ने कहा कि 1972 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसी लाल और पूंडरी हलके का नेतृत्व कर रहे तत्कालीन विधायक एवं प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन चौ. ईश्वर सिंह के बीच एक करार हुआ था। जिसमें लिखा गया था कि कौल ग्राम पंचायत कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि 99 वर्ष के लिए पट्टे पर देने का इकरार करती है। इसके बदले कृषि विश्वविद्यालय एक रुपया प्रति वर्ष पट्टे के तौर ग्राम पंचायत को देगा और 5 सीटें कौल गांव के बच्चों के लिए पढ़ाई में आरक्षित रहेंगी। इन सीटों को अब वीसी हिसार ने अपनी मनमर्जी से कम कर दिया है और इसके अलावा कई अन्य फरमान जारी कर छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उनकी वार्षिक परीक्षाएं चल रही है। सोमवार को भी हमारी परीक्षा थी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के तानाशाह रवैये के चलते उन्होंने वार्षिक परीक्षाओं का बहिष्कार किया हुआ है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनकी मांगे माने जाने तक और वीसी को बर्खास्त किए जाने तक वार्षिक परीक्षाओं को बहिष्कार जारी रहेगा। संवाद
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