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Clothes will become more expensive due to increase in GST
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सरकार द्वारा रेडीमेड कपड़े पर 1 जनवरी 2022 से जीएसटी बढ़ाया जा रहा है। जिसको लेकर रेडीमेड कपड़ा के व्यापारियों ने जीएसटी न बढ़ाए जाने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाया जाएगा तो महंगाई और अधिक बढ़ेगी। इसके साथ ही जो उनके पुराने ग्राहक वह उन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। रेडीमेड कपड़ा की मार्केट में मंदी आ जाएगी। व्यापारियों और दुकानदारों ने कपड़ों पर जीएसटी नहीं बढ़ाने की मांग की है।
रेडीमेड कपड़ा विक्रेता सुनील पूनिया ने बताया कि यदि जीएसटी बढ़ेगा तो कपड़ों के दामों में भी वृद्धि होगी। इसे और अधिक महंगाई होगी और लोगों के खर्चे और अधिक बढ़ जाएंगे। यदि कोई ग्राहक कपड़ों की दो ड्रेस लेकर जाता है तो जीएसटी के बाद उसी ग्राहक एक ही ड्रेस से ही समायोजन करना पड़ेगा। मार्केट में ग्राहक कम हो जाएंगे और मंदी आ जाएगी। कोरोना के चलते कपड़े महंगे मिल रहे हैं जीएसटी के बाद और अधिक महंगाई हो जाएगी। उन्होंने सरकार से जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।
रेडीमेड विक्रेता वेद प्रकाश नोकवाल ने बताया कि मार्केट अभी भी डाउन चल रही है। यदि जीएसटी बढ़ता है और कोरोना की तीसरी लहर आती है तो कपड़ा विक्रेताओं की दिक्कतें बढ़ जाएगी। जो दुकानदार किराए पर बैठे हुए थे वह तो आधे से ज्यादा दुकानें छोड़ चुके हैं। अभी तक काम मंदा चल रहा है। जिन दुकानों पर तीन या चार कर्मचारी काम कर रहे थे, अब उन पर एक ही कर्मचारी से काम लिया जा रहा है। आगे त्योहारों का सीजन आ रहा है इसमें दुकानदारों को अच्छे काम की उम्मीद है। उन्होंने सरकार से जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।
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रेडीमड कपड़ा व्यापारी रविंद्र सांगवान ने बताया कि रेडीमेड पर जीएसटी बढ़ने से कपड़े और अधिक महंगे हो जाएंगे। इससे ग्राहक कई जगहों पर ट्राई करके ही कपड़े खरीदेंगे। जीएसटी बढ़ने से दुकानदारों और खरीदारों दोनों पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। वैसे ही दुकानदार कोरोना काल से अब तक ठीक से नहीं उभर पाया है और तीसरी लहर आने की भी संभावना है। यदि जीएसटी लगता है और तीसरी लहर भी आती है तो छोटा दुकानदार तो खत्म ही हो जाएगा।
रेडीमेड दुकानदार पीयूष मल्होत्रा का कहना है कि दो साल से दुकानदारों में काफी मंदी है। अब सरकार यदि जीएसटी बढ़ाती है तो इससे दुकानदारों का काम ही छूट जाएगा। जो उनके ग्राहक है वह भी कम हो जाएंगे। इसके दुकानदारों पर आर्थिक मंदी का प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही लोगों का बजट बढ़ जाएगा। कोरोना काल से अभी तक काम सही ट्रैक पर नहीं आया। वह सरकार के इस फैसले की निंदा करते हैं।
रेडीमेड विक्रेता मुनीष ने कहा कि कोरोना काल के बाद दुकानदार पहले ही घाटे में चल रहे हैं। अब यदि सरकार ने जीएसटी बढ़ाने का फैसला लिया है तो यह सरासर गलत है। इससे देश में महंगाई और अधिक बढ़ जाएगी। जीएसटी बढ़ने के बाद लोग कम कपड़ों की खरीदारी करेंगे। जो युवा अब इकट्ठे आकर कई कई ड्रेस लेकर जाते हैं, वह एक या दो तक ही सीमित हो जाएंगे। उन्होंने जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।
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रेडीमेड कपड़ा विक्रेता सुनील पूनिया ने बताया कि यदि जीएसटी बढ़ेगा तो कपड़ों के दामों में भी वृद्धि होगी। इसे और अधिक महंगाई होगी और लोगों के खर्चे और अधिक बढ़ जाएंगे। यदि कोई ग्राहक कपड़ों की दो ड्रेस लेकर जाता है तो जीएसटी के बाद उसी ग्राहक एक ही ड्रेस से ही समायोजन करना पड़ेगा। मार्केट में ग्राहक कम हो जाएंगे और मंदी आ जाएगी। कोरोना के चलते कपड़े महंगे मिल रहे हैं जीएसटी के बाद और अधिक महंगाई हो जाएगी। उन्होंने सरकार से जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।
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रेडीमेड विक्रेता वेद प्रकाश नोकवाल ने बताया कि मार्केट अभी भी डाउन चल रही है। यदि जीएसटी बढ़ता है और कोरोना की तीसरी लहर आती है तो कपड़ा विक्रेताओं की दिक्कतें बढ़ जाएगी। जो दुकानदार किराए पर बैठे हुए थे वह तो आधे से ज्यादा दुकानें छोड़ चुके हैं। अभी तक काम मंदा चल रहा है। जिन दुकानों पर तीन या चार कर्मचारी काम कर रहे थे, अब उन पर एक ही कर्मचारी से काम लिया जा रहा है। आगे त्योहारों का सीजन आ रहा है इसमें दुकानदारों को अच्छे काम की उम्मीद है। उन्होंने सरकार से जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।
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रेडीमड कपड़ा व्यापारी रविंद्र सांगवान ने बताया कि रेडीमेड पर जीएसटी बढ़ने से कपड़े और अधिक महंगे हो जाएंगे। इससे ग्राहक कई जगहों पर ट्राई करके ही कपड़े खरीदेंगे। जीएसटी बढ़ने से दुकानदारों और खरीदारों दोनों पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। वैसे ही दुकानदार कोरोना काल से अब तक ठीक से नहीं उभर पाया है और तीसरी लहर आने की भी संभावना है। यदि जीएसटी लगता है और तीसरी लहर भी आती है तो छोटा दुकानदार तो खत्म ही हो जाएगा।
रेडीमेड दुकानदार पीयूष मल्होत्रा का कहना है कि दो साल से दुकानदारों में काफी मंदी है। अब सरकार यदि जीएसटी बढ़ाती है तो इससे दुकानदारों का काम ही छूट जाएगा। जो उनके ग्राहक है वह भी कम हो जाएंगे। इसके दुकानदारों पर आर्थिक मंदी का प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही लोगों का बजट बढ़ जाएगा। कोरोना काल से अभी तक काम सही ट्रैक पर नहीं आया। वह सरकार के इस फैसले की निंदा करते हैं।
रेडीमेड विक्रेता मुनीष ने कहा कि कोरोना काल के बाद दुकानदार पहले ही घाटे में चल रहे हैं। अब यदि सरकार ने जीएसटी बढ़ाने का फैसला लिया है तो यह सरासर गलत है। इससे देश में महंगाई और अधिक बढ़ जाएगी। जीएसटी बढ़ने के बाद लोग कम कपड़ों की खरीदारी करेंगे। जो युवा अब इकट्ठे आकर कई कई ड्रेस लेकर जाते हैं, वह एक या दो तक ही सीमित हो जाएंगे। उन्होंने जीएसटी न बढ़ाने की मांग की है।