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Kaithal News: आबोहवा हो रही खराब, एक्यूआई भी खराब

Thu, 10 Oct 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 10 Oct 2024 04:49 AM IST
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Climate is getting worse, AQI is also getting worse
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में धान की कटाई के बाद अब खेतों में धान के फसल अवशेष जलने की घटनाएं सामने आने से वायु प्रदूषण का स्तर भी बढऩे लगा है। ऐसे में अब अवशेष जलाए जाने से आबोहवा खराब हो रही है।

बुधवार सुबह के समय जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 132 दर्ज किया गया है। जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है।

हालांकि दोपहर के समय यह घटकर 112 पर पहुंच गया था। हवा में प्रदूषण का ये स्तर नुकसानदायक माना जाता है। आने वाले कुछ दिनों में हवा के और खराब होने की संभावना है।
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चिकित्सकों के अनुसार खराब हवा सीधे तौर पर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है और अस्थमा व दिल के मरीजों के लिए खतरनाक है। विशेषकर बुजुर्गों के लिए ये स्तर भी खतरनाक हो सकता है। 2023 में अक्तूबर महीने में एक्यूआई 220 था, जो अब 136 हो गया है। वहीं, सितंबर महीने में यह सिर्फ 52 था।
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गौरतलब है कि धान कटाई के समय भी प्रदूषण के कण हवा में मिलते हैं और आगजनी से तो बहुत तेजी से हवा प्रदूषित होती है। अब तक आगजनी की 10 घटनाएं सामने आई हैं। इसके से अभी तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई हैं। कृषि विभाग ने संबंधित किसानों पर करीब 25 हजार रुपये का जुर्माना भी अब तक लगाया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि मौसम में परिवर्तन और फसल अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ता है।

किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें।

उन्होंने लोगों से कहा है कि कचरे के ढेर में आग न लगाएं।

वृक्षों पर पानी का छिड़काव करें। भवन निर्माण सामग्री को ढककर रखें।

कहीं आग लगी दिखे तो उस पर पानी डाल दें।
हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर बंद करें सैर
शाह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅक्टर राजेश शर्मा ने कहा कि हवा में प्रदूषण का स्तर जैसे जैसे बढ़ेगा सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगेगी। ऐसी स्थिति में विशेष तौर पर बुजुर्ग सुबह व शाम को सैर बंद कर दें।


युवा भी थोड़ी देर के लिए ही सैर करें और रुक-रुक कर करें। खांसी व छाती में परेशानी होने से सांस लेने में समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। कमरे की खिड़कियों को बंद कर लें, मोमबत्तियां और धूप, अगरबत्ती भी न जलाएं, कमरों को साफ सुथरा रखें, गीले पोछे से सफाई करें व धूल पर काबू रखें।
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