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Kaithal News: लिपिकों की हड़ताल समाप्त, रजिस्ट्री शुरू
Thu, 17 Aug 2023 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:01 AM IST
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कैथल। लिपिक वर्ग ने 42 दिन हड़ताल के बाद बुधवार को दोबारा से काम पर लौट गए हैं। लिपिकों का कहना है उन्होंने हड़ताल खत्म नहीं की है। तीन माह तक स्थगित की है। सरकार के साथ उनकी वार्ता हुई थी, वार्ता में एक प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित की गई है। तीन माह बाद सरकार से दोबारा फिर से शिष्टमंडल की वार्ता होगी, इसमें उनकी मांगें पर सुनवाई होती है तो ठीक है अन्यथा दोबारा से लिपिक हड़ताल करने को तैयार रहेंगे। इसके बाद बुधवार से जमीन संबंधी रजिस्ट्रियों का काम शुरू हो गया।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान राजेंद्र ढुल ने कहा कि सरकार से अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। अब तक एक भी वर्ता सफल नहीं हुई है। पांचवीं वार्ता में लिपिक वर्ग की ओर से 80 पेज का एक मांग पत्र दिया है। सरकार से उस पर जांच करने के लिए तीन माह का समय दिया है। लिपिक वर्ग ने भी तीन माह तक हड़ताल का स्थगित कर अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनका वेतन 35,400 रुपये नहीं करती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
काम पर लौटने के बाद लिपिकों ने शुरु की रजिस्ट्री
गौरतलब है कि लिपिकों की हड़ताल के चलते जमीन संबंधी रजिस्ट्री का कार्य बाधित हो गया। हड़ताल के लगभग 15 दिन बाद रजिस्ट्री का कार्य तहसीलदार करने लगे थे, लेकिन तहसीलदार के पास अन्य काम के चलते 30 से 40 रजिस्ट्री ही प्रतिदिन हो पाती थी। अब दोबार से लिपिक काम पर लौट गए हैं रजिस्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे रुके हुए आमजन के काम जल्द होंगे।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान राजेंद्र ढुल ने कहा कि सरकार से अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। अब तक एक भी वर्ता सफल नहीं हुई है। पांचवीं वार्ता में लिपिक वर्ग की ओर से 80 पेज का एक मांग पत्र दिया है। सरकार से उस पर जांच करने के लिए तीन माह का समय दिया है। लिपिक वर्ग ने भी तीन माह तक हड़ताल का स्थगित कर अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनका वेतन 35,400 रुपये नहीं करती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
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काम पर लौटने के बाद लिपिकों ने शुरु की रजिस्ट्री
गौरतलब है कि लिपिकों की हड़ताल के चलते जमीन संबंधी रजिस्ट्री का कार्य बाधित हो गया। हड़ताल के लगभग 15 दिन बाद रजिस्ट्री का कार्य तहसीलदार करने लगे थे, लेकिन तहसीलदार के पास अन्य काम के चलते 30 से 40 रजिस्ट्री ही प्रतिदिन हो पाती थी। अब दोबार से लिपिक काम पर लौट गए हैं रजिस्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे रुके हुए आमजन के काम जल्द होंगे।
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