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Kaithal News: गांव बात्ता में बिना लाइसेंस पटाखा फैक्टरी पर सीआईए का छापा, 134 पेटियां बरामद
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फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद
कलायत/कैथल। गांव बात्ता में सीआईए कलायत की टीम ने सोमवार को बिना लाइसेंस चल रही एक अवैध पटाखा फैक्टरी पर छापा मारकर 134 पेटियां अवैध पटाखे और बारूद बरामद किया है। इससे पहले पुलिस ने पटाखों से भरी गाड़ी को नाकाबंदी कर पकड़ा। वाहन से 84 पेटियां पटाखे बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने गांव में ही फैक्टरी चलाने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने फैक्टरी पर छापा मारकर 50 पेटियां और बरामद कर लीं। दोनों जगहों से कुल 134 पेटियां पटाखे मिले हैं। पुलिस जांच के अनुसार इन पटाखों को अलग-अलग स्थानों के साथ मध्यप्रदेश तक सप्लाई करने की तैयारी थी। फैक्टरी से पटाखे बनाने का कच्चा माल और पैकिंग सामग्री भी भारी मात्रा में मिली है। पुलिस ने दो आरोपी गांव बात्ता निवासी अंकित और सोमपाल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ थाना कलायत में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुप्त सूचना पर पीएचसी के सामने नाकाबंदी, गाड़ी से 84 पेटियां मिलीं
डीएसपी रोहताश ने बताया कि टीम गश्त पर थी। इस दौरान सूचना मिली कि गांव बात्ता में चल रही फैक्टरी से वाहन में पटाखों की पेटियां लोड कर बाहर ले जाई जा रही हैं। वाहन में सवार लोगों के पास पटाखे रखने या ले जाने का कोई लाइसेंस या परमिट नहीं है। सूचना के बाद पुलिस ने गांव बात्ता में फ्लाईओवर के नीचे बने अंडरब्रिज से तितरम की ओर जाने वाले रास्ते पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के सामने नाकाबंदी की। कुछ समय बाद बात्ता की तरफ से वाहन आता दिखाई दिया। पुलिस ने इसे रुकवाकर तलाशी ली। वाहन में ड्राइवर सीट पर गांव बात्ता निवासी अंकित और सोमपाल बैठे मिले। दोनों को काबू कर वाहन की तलाशी ली गई तो 84 पेटियां पटाखे बरामद हुए।
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लाइसेंस-परमिट नहीं दिखा सके, फायर ब्रिगेड ने की जांच
पुलिस ने दोनों से पटाखों के लाइसेंस और परमिट के बारे में पूछा लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस की सूचना पर फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बरामद पटाखों की जांच की। जांच में पेटियों में विस्फोटक पदार्थ वाले पटाखे होने की पुष्टि हुई।
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फैक्टरी में मौके से 50 पेटियां और मिलीं
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांव बात्ता में ही उन्होंने पटाखे तैयार करने के लिए फैक्टरी लगा रखी थी। यहां तैयार पटाखों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने की योजना थी। इसके बाद सीआईए टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर फैक्टरी में दबिश दी। वहां खड़ी एक गाड़ी से 50 पेटियां अवैध पटाखे बरामद हुए। फैक्टरी परिसर की तलाशी के दौरान पटाखे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और पैकिंग सामग्री भी भारी मात्रा में मिली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्टरी में पटाखे कब से तैयार किए जा रहे थे, इनकी सप्लाई कहां-कहां की जानी थी और इस कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं।
जनवरी से अब तक पांचवीं कार्रवाई, सितंबर में मिली थीं 571 पेटियां
जिले में जनवरी से अब तक अवैध रूप से पटाखे बनाने और रखने के मामलों में पुलिस की यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। कार्रवाई में पटाखों के साथ ज्वलनशील पदार्थ और निर्माण सामग्री भी बरामद हुई।
9 जनवरी : पूंडरी की दिग्गा कॉलोनी में पटाखा फैक्टरी पर कार्रवाई कर राजेंद्र सिंह को पकड़ा गया। यहां दर्जनभर से अधिक पटाखे बरामद हुए।
11-12 फरवरी : काकौत रोड, पूंडरी में बरसाना निवासी सुशील कुमार को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 20 क्विंटल 52 किलो चटर-पटर पटाखे, ज्वलनशील विस्फोटक सामग्री और 342 प्लास्टिक पल्लियां बरामद हुईं।
12-13 अप्रैल : कैथल के आंबेडकर नगर में असंध निवासी राजेंद्र कुमार को पकड़ा गया। उसके पास से छोटे पटाखों के साथ करीब 30 किलो ज्वलनशील पदार्थ मिला।
13 सितंबर : करनाल रोड पर पत्थर मार्केट के सामने रोहित, सलमू, शलोक और राजिंदर को गिरफ्तार किया गया। यहां 571 पेटियां बरामद हुईं। प्रत्येक पेटी में 40 छोटे पैकेट थे। इस हिसाब से करीब 22,840 पैकेट पटाखे बरामद किए गए।
5 अक्तूबर : गांव बात्ता में अंकित और सोमपाल को गिरफ्तार कर कुल 134 पेटियां बरामद की गईं। इनमें 84 पेटियां वाहन और 50 फैक्टरी से मिलीं।
2025 में 10 कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार
पिछले वर्ष 25 मार्च से 20 दिसंबर तक जिले में अवैध पटाखों के खिलाफ 10 कार्रवाई हुई थीं। इनमें पूंडरी में छह, सिविल लाइन में दो और राजौंद और कलायत में एक-एक कार्रवाई की गई थी। इन मामलों में कुल 4,863.451 किलो पटाखे बरामद किए गए और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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गुप्त सूचना पर पीएचसी के सामने नाकाबंदी, गाड़ी से 84 पेटियां मिलीं
डीएसपी रोहताश ने बताया कि टीम गश्त पर थी। इस दौरान सूचना मिली कि गांव बात्ता में चल रही फैक्टरी से वाहन में पटाखों की पेटियां लोड कर बाहर ले जाई जा रही हैं। वाहन में सवार लोगों के पास पटाखे रखने या ले जाने का कोई लाइसेंस या परमिट नहीं है। सूचना के बाद पुलिस ने गांव बात्ता में फ्लाईओवर के नीचे बने अंडरब्रिज से तितरम की ओर जाने वाले रास्ते पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के सामने नाकाबंदी की। कुछ समय बाद बात्ता की तरफ से वाहन आता दिखाई दिया। पुलिस ने इसे रुकवाकर तलाशी ली। वाहन में ड्राइवर सीट पर गांव बात्ता निवासी अंकित और सोमपाल बैठे मिले। दोनों को काबू कर वाहन की तलाशी ली गई तो 84 पेटियां पटाखे बरामद हुए।
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लाइसेंस-परमिट नहीं दिखा सके, फायर ब्रिगेड ने की जांच
पुलिस ने दोनों से पटाखों के लाइसेंस और परमिट के बारे में पूछा लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस की सूचना पर फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बरामद पटाखों की जांच की। जांच में पेटियों में विस्फोटक पदार्थ वाले पटाखे होने की पुष्टि हुई।
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फैक्टरी में मौके से 50 पेटियां और मिलीं
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांव बात्ता में ही उन्होंने पटाखे तैयार करने के लिए फैक्टरी लगा रखी थी। यहां तैयार पटाखों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने की योजना थी। इसके बाद सीआईए टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर फैक्टरी में दबिश दी। वहां खड़ी एक गाड़ी से 50 पेटियां अवैध पटाखे बरामद हुए। फैक्टरी परिसर की तलाशी के दौरान पटाखे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और पैकिंग सामग्री भी भारी मात्रा में मिली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्टरी में पटाखे कब से तैयार किए जा रहे थे, इनकी सप्लाई कहां-कहां की जानी थी और इस कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं।
जनवरी से अब तक पांचवीं कार्रवाई, सितंबर में मिली थीं 571 पेटियां
जिले में जनवरी से अब तक अवैध रूप से पटाखे बनाने और रखने के मामलों में पुलिस की यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। कार्रवाई में पटाखों के साथ ज्वलनशील पदार्थ और निर्माण सामग्री भी बरामद हुई।
9 जनवरी : पूंडरी की दिग्गा कॉलोनी में पटाखा फैक्टरी पर कार्रवाई कर राजेंद्र सिंह को पकड़ा गया। यहां दर्जनभर से अधिक पटाखे बरामद हुए।
11-12 फरवरी : काकौत रोड, पूंडरी में बरसाना निवासी सुशील कुमार को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 20 क्विंटल 52 किलो चटर-पटर पटाखे, ज्वलनशील विस्फोटक सामग्री और 342 प्लास्टिक पल्लियां बरामद हुईं।
12-13 अप्रैल : कैथल के आंबेडकर नगर में असंध निवासी राजेंद्र कुमार को पकड़ा गया। उसके पास से छोटे पटाखों के साथ करीब 30 किलो ज्वलनशील पदार्थ मिला।
13 सितंबर : करनाल रोड पर पत्थर मार्केट के सामने रोहित, सलमू, शलोक और राजिंदर को गिरफ्तार किया गया। यहां 571 पेटियां बरामद हुईं। प्रत्येक पेटी में 40 छोटे पैकेट थे। इस हिसाब से करीब 22,840 पैकेट पटाखे बरामद किए गए।
5 अक्तूबर : गांव बात्ता में अंकित और सोमपाल को गिरफ्तार कर कुल 134 पेटियां बरामद की गईं। इनमें 84 पेटियां वाहन और 50 फैक्टरी से मिलीं।
2025 में 10 कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार
पिछले वर्ष 25 मार्च से 20 दिसंबर तक जिले में अवैध पटाखों के खिलाफ 10 कार्रवाई हुई थीं। इनमें पूंडरी में छह, सिविल लाइन में दो और राजौंद और कलायत में एक-एक कार्रवाई की गई थी। इन मामलों में कुल 4,863.451 किलो पटाखे बरामद किए गए और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद

फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद

फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद

फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद

फैक्टरी में रखे हुए पटाखों के लिए डिब्बे। संवाद