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Kaithal News: लघु नाटिका पेश कर बच्चों ने दिया जल संरक्षण का संदेश
Wed, 04 Feb 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूड़री। राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद, गुरुग्राम के निर्देशानुसार विद्यालय में राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह (फेज दो) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विज्ञान अध्यापिकाओं पूनम और कुशम के मार्गदर्शन में छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और समुदाय को जल संरक्षण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
विशेष रूप से छात्राओं ने लघु नाटिका के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और यह संदेश दिया कि जल का उचित उपयोग सभी के लिए अनिवार्य है। प्रधानाचार्य धर्म सिंह मोहना ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में विश्व की 17 प्रतिशत आबादी रहती है, जबकि ताजा पानी चार प्रतिशत उपलब्ध है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण जल संकट गंभीर होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हमें जल संरक्षण के उपायों पर ध्यान देना चाहिए और दैनिक जीवन में जल को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। प्रधानाचार्य ने सरकार की अटल भूजल योजना, राष्ट्रीय जल मिशन, अमृत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनका लाभ तभी संभव है जब सभी लोग जागरूक रहें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार और जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार का सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए आभार व्यक्त किया।
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पूड़री। राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद, गुरुग्राम के निर्देशानुसार विद्यालय में राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह (फेज दो) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विज्ञान अध्यापिकाओं पूनम और कुशम के मार्गदर्शन में छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और समुदाय को जल संरक्षण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
विशेष रूप से छात्राओं ने लघु नाटिका के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और यह संदेश दिया कि जल का उचित उपयोग सभी के लिए अनिवार्य है। प्रधानाचार्य धर्म सिंह मोहना ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में विश्व की 17 प्रतिशत आबादी रहती है, जबकि ताजा पानी चार प्रतिशत उपलब्ध है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण जल संकट गंभीर होता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हमें जल संरक्षण के उपायों पर ध्यान देना चाहिए और दैनिक जीवन में जल को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। प्रधानाचार्य ने सरकार की अटल भूजल योजना, राष्ट्रीय जल मिशन, अमृत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनका लाभ तभी संभव है जब सभी लोग जागरूक रहें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार और जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार का सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए आभार व्यक्त किया।
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