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मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना दे रही आर्थिक मजबूती : उपायुक्त
Mon, 29 Sep 2025 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 29 Sep 2025 02:37 AM IST
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कैथल। उपायुक्त प्रीति ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से समाज के सभी वर्गों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना संचालित की जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का एक सराहनीय प्रयास है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में बढ़ोतरी की गई है। अब पिछड़ा वर्ग परिवार को विवाह के अवसर पर कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे पहले यह राशि 41 हजार रुपये थी। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों को उनकी स्वयं की शादी के लिए और ऐसे दिव्यांग जोड़ों को जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो उनको भी कन्यादान स्वरूप आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को पहले ही 71 हजार रुपये की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है। वहीं, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है। यदि नवविवाहित दंपती दिव्यांग हैं, तो उन्हें भी 51 हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के छह महीने के भीतर विवाह पंजीकरण कराना जरूरी है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल और सुगम बनाया गया है।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में बढ़ोतरी की गई है। अब पिछड़ा वर्ग परिवार को विवाह के अवसर पर कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे पहले यह राशि 41 हजार रुपये थी। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों को उनकी स्वयं की शादी के लिए और ऐसे दिव्यांग जोड़ों को जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो उनको भी कन्यादान स्वरूप आर्थिक सहायता दी जाती है।
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इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को पहले ही 71 हजार रुपये की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है। वहीं, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है। यदि नवविवाहित दंपती दिव्यांग हैं, तो उन्हें भी 51 हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के छह महीने के भीतर विवाह पंजीकरण कराना जरूरी है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल और सुगम बनाया गया है।
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