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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने ढांड में पकड़ा एमटीपी किट का जखीरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:12 AM IST
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Chief Minister's flying squad caught a cache of MTP kit in Dhand
Chief Minister's flying squad caught a cache of MTP kit in Dhand - फोटो : Kaithal
(कैथल)ढांड। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मंगलवार को ढांड में प्रतिबंधित एमटीपी किट का जखीरा पकड़ा है। सूचना पर 220 एमटीपी किट के साथ टीम ने 12वीं पास एक युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान जींद के मॉडल टाउन निवासी मोहित के रूप में हुई है, जो करीब साल भर से कैथल की फ्रेंड्स कालोनी में रह रहा है। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह दिल्ली से एमटीपी किट लाकर ढांड सहित आसपास के क्षेत्र में बेचता था।
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पुलिस के अनुसार सीएम फ्लाइंग टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक प्रतिबंधित किट लेकर बेचने की फिराक में ढांड बस स्टैंड के समीप घूम रहा है। इस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को धर दबोचा। युवक के बैग की तलाशी लेने पर 220 एमटीपी किट बरामद हुई, जिसको देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डा. गौरव पूनिया की अगुवाई में मौके पर पहुंची। पीएनडीटी कमेटी के जिला नोडल अधिकारी डा. गौरव पूनिया और राजेश कुमार ने पकड़े गए युवक से बरामद सामान की पुष्टि एमटीपी किट के रूप में की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि वह ये किट दिल्ली से खरीद कर लाया है, जिसे ढांड सहित आस-पास के क्षेत्र में बेचना था। संभावना हैं कि इस गोरखधंधे में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है।
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दूसरी ओर इतनी बड़ी मात्रा में एमटीपी किट बरामद होना अवैध गर्भपात के धंधे की पोल भी खोलता है। विदित हो कि सरकार की ओर से स्वीकृत चिकित्सक ही इस किट के प्रयोग की सलाह देते हैं और उसके आधार पर ही यह स्वीकृत संस्थानों से मिल सकती है, लेकिन अनाधिकृत रूप से इसकी खरीद फरोख्त स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। इस संबंध में सीएमओ डा. जयंत आहुजा ने बताया कि प्रतिबंधित किट बरामद होने के मामले में केस दर्ज कराया गया है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
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जिले में काम कर रहा गर्भपात का बड़ा गिरोह, विभाग पर भी सवाल
पहले ऑनलाइन बुकिंग कर अमेजॉन के माध्यम से मंगवाई जाती थी किट
बरामद एमटीपी किट उसी कंपनी की जो पहले आनलाइन करती थी आपूर्ति
पिछले साल स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद से बदला गया तरीका
बड़ी मात्रा में एमटीपी किट बरामद होने के बाद जताई जा रही आशंका
नसीब सैनी
कैथल। लिंगानुपात को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सख्ती की जा रही है। साथ ही विभिन्न जिलों में छापामारी भी की जा रही है, लेकिन मंगलवार को एमटीपी किट का जखीरा मिलने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। साथ ही इसके पीछे बड़े गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने जितनी बड़ी मात्रा में एमटीपी किट पकड़ी हैं। उतनी आज तक कभी नहीं पकड़ी गई। खास बात यह है कि जो एमटीपी किट पकड़ी गई है, यह उसी कंपनी की है जो पिछले साल कैथल में अमेजॉन के माध्यम से मंगवाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पकड़े जाने के बाद अमेजॉन ने इसे बेचना बंद कर दिया था। माना जा रहा है कि इसके बाद से कैथल में आनलाइन की जगह युवक के माध्यम से इसकी आपूर्ति की जा रही थी।
विदित हो कि गर्भपात में प्रयोग होने वाली यह किट प्रतिबंधित है, जिसे महिला रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही जो अस्पताल एमटीपी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड हैं। वहीं फार्मेसी में इसे रखा जा सकता है। यदि फार्मेसी में भी रखी जाती है तो डॉक्टर व फार्मेसी संचालक के पास इसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। आम केमिस्ट इन किटों को नहीं बेच सकते।
एमटीपी किट के पीछे बड़े गिरोह का हो सकता है हाथ
विभागीय सूत्रों ने बताया कि जो युवक पकड़ा गया है, वह किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है। क्योंकि आज तक एक साथ 222 एमटीपी किट नहीं पकड़ी गई है। एक युवक के पास से इतनी बड़ी मात्रा में किट बरामद होना बड़ा मामला है। हो सकता है कि ये किट किसी गिरोह द्वारा ही मंगवाई गई हों। इसके तार कैथल सहित आसपास के जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
75 से 80 रुपये में खरीदकर 300 से 400 रुपये तक बेची जानी थी प्रति किट
सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया है कि वह पहली बार ही लाया है और उसने ये 75 से 80 रुपये में दिल्ली से खरीदा है। जिन्हें 300 से 400 रुपये की दर से केमिस्टों को बेचना था।

स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉक्टर गौरव पूनिया के अनुसार विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शिकायत पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस द्वारा केस दर्ज किया गया है। किटों की कंपनी वही है, जिस कंपनी से अमेजॉन से ये किटें भेजे जाने की बात सामने आई थीं। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद पिछले साल अमेजॉन ने ऐसी किट भेजना बंद कर दिया था।
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