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नहाय-खाय के साथ छठ शुरू, खरना आज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 01:15 AM IST
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Chhath begins with bathing, Kharna today
13-कैथल। छठ पूजा को लेकर खरीदारी करते हुए श्रद्धालु। - फोटो : Kaithal
कैथल। नहाय-खहाय के साथ शुक्रवार से छठ महापर्व की शुरुआत हुई। पर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्ध्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार छठ का व्रत संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। शुक्रवार को नहाय-खाय से इस पर्व की शुरुआत हुई और षष्ठी तिथि को छठ व्रत की पूजा, व्रत और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य के बाद अगले दिन सप्तमी को उगते सूर्य को जल देकर व्रत का समापन किया जाता है। यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है। इसमें व्रती महिलाएं लगातार 36 घंटे निर्जला व्रत रखती हैं। रविवार को डूबते और सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होगा।
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उधर, बाजार में पूर्वांचल समाज के लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। इस दौरान सब्जी मंडी स्थित दुकानों से पूजा-अर्चना के लिए सामान खरीदा। दुकानदार रघुबीर गर्ग ने बताया कि इस पर्व पर 51 प्रकार से सामान से पूजा-अर्चना की जाती है। इनमें पांच प्रकार की टोकरी, तीन प्रकार की छाज, डगरा, नारियल, काला नारियल, गागर, अदरक, हल्दी, सौंफ, हुमाद सामग्री, बद्दी, इलायची, सूंठनी, अरवी, आमरक, सीता फल, कटरा सिंदूर, पंचमेवा, लौंग, काली मिर्च, सुपारी, आटा, गुड़, धूप व अगरबत्ती, पीली धोती और फल से पूजा की जाती है।
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बाबा शीतलपुरी डेरे के घाट पर मनाया जाता है पर्व
जिला स्तर पर छठ का पर्व बाबा शीतलपुरी डेरे के घाट पर मनाया जाता है। यह पर्व हर वर्ष पूर्वांचल जन विकास मंच की ओर से मनाया जाता है। पर्व के दौरान पूरे जिले से 300 से अधिक परिवार हिस्सा लेने के लिए यहां पर पहुंचते हैं। शाम के समय घाट पर भी छठ माता का जागरण करवाया जाता है। इसमें हर वर्ष बिहार से तीन से चार भोजपुरी गायक पहुंचते है।

छठ पर्व का यह रहेगा कार्यक्रम
मंच के प्रधान जय किशन ने बताया कि छठ पर्व शुक्रवार से शुरू हो चुका है जो सोमवार सुबह तक जारी रहेगा। रविवार को मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में शाम के समय सूर्यास्त होने पर अर्घ्य दिया जाएगा। रात के समय छठ माता का जागरण करवाया जाएगा। शनिवार से महिलाओं की ओर से निर्जला व्रत रखा जाएगा। जय किशन ने बताया कि सुहागिन महिलाएं शनिवार रात के समय खरना के दौरान मीठे चावल व सादा भोजन लेकर अपना 48 घंटो का निर्जला व्रत रखेगी। सोमवार को सूर्योदय के समय सूर्य को अघ्र्य देकर अपना व्रत खोलेंगी। इस मौके पर अशोक साहू, आशा देवी, रिंकू देवी, मंगली देवी, अजय कुमार, जोगिंद्र, विजय, रानी, संगीता, चंदेश्वर चौधरी मौजूद रहे।
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