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Kaithal News: नासा भेजने के नाम पर छात्राओं से धोखाधड़ी, 50-50 हजार वसूले
Tue, 21 May 2024 05:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 May 2024 05:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के एक नामी स्कूल की पूर्व छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर नासा भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इन आरोपों के बीच सोमवार को स्कूल में 22 छात्राएं व उनके अभिभावक पहुंचे। यहां पर इन छात्राओं व अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अगस्त 2022 में छात्राओं को नासा भेजने के लिए ऑफर दिया था, लेकिन उन्हें दिल्ली से ही वापस भेज दिया गया। ऐसे में छात्राओं के साथ नासा भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की है।
अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे ने नासा जाने के लिए 50 हजार रुपये भी दिए थे, लेकिन स्कूल ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और बच्चों का दो वर्ष का समय खराब हो गया। अभिभावकों ने बच्चों को न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित छात्राओं के अनुसार अगस्त 2022 में एक ट्रैवल्स एजेंसी की ओर से स्कूल के माध्यम से 22 बच्चों को नासा जाने का ऑफर मिला था।
इस संदर्भ में बच्चों से नासा जाने के लिए 50 हजार रुपये भी भरवाए थे, लेकिन फीस भरने के बाद भी डेढ़ वर्ष तक बच्चों को नासा नहीं भेजा गया। इसके बाद अभी 14 मई को इस संबंध में बच्चों व अभिभावकों की बैठक बुलाई गई। नासा जाने के नाम पर बच्चे खुश हो गए। बैठक में पहुंचे तो उन्हें समझाया गया कि एंबेसी में ट्रेवल्स एजेंसी का नाम नहीं लेना है। वहां बताना है कि स्कूल की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बैठक के बाद 16 मई को बच्चे एंबेसी में बायोमेट्रिक के लिए पहुंचे। जहां पर बायोमेट्रिक हुई। इसके बाद बच्चों के अध्यापकों के पास ट्रेवल्स एजेंसी संचालक का फोन आया और कहा कि एंबेसी में इंटरव्यू के समय उनकी फोटो दिखाई जाएगी। वहां पर किसी भी बच्चे व अध्यापकों को उनकी फोटो पहचानने से इंकार करना है, लेकिन जब बच्चे वहां पहुंचे तो कहा गया कि आप स्कूल के बच्चे हो आपका टूर नहीं जाएगा। उन्हें कई घंटों तक धूप में भूखे बैठाए रखा।
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जपनित कौर ने यह हमारेे साथ सरासर धोखाधड़ी है। उन्होंने बताया कि स्कूल वालों ने हमें ट्रैवल्स एजेंसी वालों से मिलवाया था। एजेंसी ने तैयारी कराई पर नतीजा सिफर रहा। इसी प्रकार रिया वर्मा ने कहा कि स्कूल ने उन्हें अगस्त 2022 में टूर का ऑफर दिया। नवंबर में टूर के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान भी किया। इसके बाद पासपोर्ट लिए गए। डेढ़ साल तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन नासा नहीं भेजा गया। दूसरी ओर स्कूल प्रशासन या किसी अन्य जिम्मेदार ने इस संबंध में संपर्क करने के बावजूद कोई भी जानकारी नहीं दी।
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कैथल। शहर के एक नामी स्कूल की पूर्व छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर नासा भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इन आरोपों के बीच सोमवार को स्कूल में 22 छात्राएं व उनके अभिभावक पहुंचे। यहां पर इन छात्राओं व अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अगस्त 2022 में छात्राओं को नासा भेजने के लिए ऑफर दिया था, लेकिन उन्हें दिल्ली से ही वापस भेज दिया गया। ऐसे में छात्राओं के साथ नासा भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की है।
अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे ने नासा जाने के लिए 50 हजार रुपये भी दिए थे, लेकिन स्कूल ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और बच्चों का दो वर्ष का समय खराब हो गया। अभिभावकों ने बच्चों को न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित छात्राओं के अनुसार अगस्त 2022 में एक ट्रैवल्स एजेंसी की ओर से स्कूल के माध्यम से 22 बच्चों को नासा जाने का ऑफर मिला था।
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इस संदर्भ में बच्चों से नासा जाने के लिए 50 हजार रुपये भी भरवाए थे, लेकिन फीस भरने के बाद भी डेढ़ वर्ष तक बच्चों को नासा नहीं भेजा गया। इसके बाद अभी 14 मई को इस संबंध में बच्चों व अभिभावकों की बैठक बुलाई गई। नासा जाने के नाम पर बच्चे खुश हो गए। बैठक में पहुंचे तो उन्हें समझाया गया कि एंबेसी में ट्रेवल्स एजेंसी का नाम नहीं लेना है। वहां बताना है कि स्कूल की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बैठक के बाद 16 मई को बच्चे एंबेसी में बायोमेट्रिक के लिए पहुंचे। जहां पर बायोमेट्रिक हुई। इसके बाद बच्चों के अध्यापकों के पास ट्रेवल्स एजेंसी संचालक का फोन आया और कहा कि एंबेसी में इंटरव्यू के समय उनकी फोटो दिखाई जाएगी। वहां पर किसी भी बच्चे व अध्यापकों को उनकी फोटो पहचानने से इंकार करना है, लेकिन जब बच्चे वहां पहुंचे तो कहा गया कि आप स्कूल के बच्चे हो आपका टूर नहीं जाएगा। उन्हें कई घंटों तक धूप में भूखे बैठाए रखा।
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जपनित कौर ने यह हमारेे साथ सरासर धोखाधड़ी है। उन्होंने बताया कि स्कूल वालों ने हमें ट्रैवल्स एजेंसी वालों से मिलवाया था। एजेंसी ने तैयारी कराई पर नतीजा सिफर रहा। इसी प्रकार रिया वर्मा ने कहा कि स्कूल ने उन्हें अगस्त 2022 में टूर का ऑफर दिया। नवंबर में टूर के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान भी किया। इसके बाद पासपोर्ट लिए गए। डेढ़ साल तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन नासा नहीं भेजा गया। दूसरी ओर स्कूल प्रशासन या किसी अन्य जिम्मेदार ने इस संबंध में संपर्क करने के बावजूद कोई भी जानकारी नहीं दी।