{"_id":"5f5280a78ebc3e53b21a19d9","slug":"certificate-kaithal-news-knl431045134","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 मास से दफ्तरों के लगा रहा चक्कर फिर भी नही मिला अनुभव प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 मास से दफ्तरों के लगा रहा चक्कर फिर भी नही मिला अनुभव प्रमाण पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने शिक्षण का अनुभव प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए एक संस्कृत अध्यापक शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहा है। 16 महीने के बावजूद उसके हाथ खाली ही हैं। इसके लिए प्रभावित शिक्षक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार गांव बढ़सीकरी ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2019 में अध्यापन अनुभव प्रमाण पत्र के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। खंड शिक्षा अधिकारी से उनकी फाइल पास होकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंच गई। इस कार्य के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बनी कमेटी ने उसकी फाइल का स्वीकृति दे दी पर अनुभव प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर होने से पूर्व ही जिला शिक्षा अधिकारी का तबादला हो गया। उसके पश्चात से वे लगातार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं पर फाइल पर हर बार नई आपत्ति लगा दी जाती है। मुकेश कुमार ने बताया कि दुखी होकर उन्होंने 21 अगस्त 2020 में सीएम विंडो व आरटीआई लगाई। उसके बाद उन्होंने फिर से सीएम विंडो में अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिसमें उसे बुलाए बिना ही शिकायत बंद कर दी गई। मुकेश कुमार ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारियों ने जिस फाइल को स्वीकृति दी है उसमें टीजीटी का जिक्र ही नहीं है। अनुभव उनका कमेटी ने पीजीटी का पास किया हुआ है। उनकी समस्या को अपने ही स्तर पर निपटान करने व झूठी रिपोर्ट भिजवाने को लेकर वे एक बार फिर से मुख्यमंत्री के दरबार में फरियाद करेंगे।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार गांव बढ़सीकरी ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2019 में अध्यापन अनुभव प्रमाण पत्र के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। खंड शिक्षा अधिकारी से उनकी फाइल पास होकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंच गई। इस कार्य के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बनी कमेटी ने उसकी फाइल का स्वीकृति दे दी पर अनुभव प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर होने से पूर्व ही जिला शिक्षा अधिकारी का तबादला हो गया। उसके पश्चात से वे लगातार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं पर फाइल पर हर बार नई आपत्ति लगा दी जाती है। मुकेश कुमार ने बताया कि दुखी होकर उन्होंने 21 अगस्त 2020 में सीएम विंडो व आरटीआई लगाई। उसके बाद उन्होंने फिर से सीएम विंडो में अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिसमें उसे बुलाए बिना ही शिकायत बंद कर दी गई। मुकेश कुमार ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारियों ने जिस फाइल को स्वीकृति दी है उसमें टीजीटी का जिक्र ही नहीं है। अनुभव उनका कमेटी ने पीजीटी का पास किया हुआ है। उनकी समस्या को अपने ही स्तर पर निपटान करने व झूठी रिपोर्ट भिजवाने को लेकर वे एक बार फिर से मुख्यमंत्री के दरबार में फरियाद करेंगे।
विज्ञापन