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तीन करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज
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कैथल। पुलिस ने आखिरकार ऊंची ब्याज दर देने का झांसा लेकर फरार हुई एक सोसाइटी मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया है। मामला तीन करोड़ की धोखाधड़ी का है। ‘अमर उजाला’ में 19 अप्रैल को इस संबंध में समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। मामले में करीब चार माह से पीड़ित केस दर्ज होने का इंतजार कर रहे थे।
गौरतलब है कि आदि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटिड के नाम से एक सोसाइटी का सेक्टर 20 में कार्यालय खोला गया। इसमें लोगों को सदस्य बनाकर चार से पांच साल के लिए एफडी बनाई गई। लोगों को 12 से 16 प्रतिशत ऊंचे ब्याज का सपना दिखाकर एफडी व अन्य कागजात दिए गए। लोगों ने न केवल इस सोसाइटी में खुद के पैसे जमा करवाए, बल्कि अपने जानकारों के पैसे भी जमा करवा दिए। जब एफडी पूरी होने का समय आया तो कार्यालय बंद कर कंपनी अधिकारी फरार हो गए। अब इस मामले में पुलिस ने गांव खेड़ी गुलाम अली निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर आदि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के मालिकों उत्तर प्रदेश के लखनसी ताजेपुर निवासी राजेश कुमार, उसकी पत्नी प्रियंका, ताजोपुर में ही आदि शक्ति डिग्री कॉलेज के विशाल सिंह व दीपक शुक्ला व रामजन्म सिंह के खिलाफ तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है।
इसमें उसने बताया कि आरोपी आदि क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटिड के नाम से एक सोसाइटी चला रहे थे, जिसमें पता दिल्ली का दिया गया। उन्हें बताया गया कि यह सोसाइटी कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत है। उन्हें 12 से 16 प्रतिशत तक ब्याज देने की बात कही। साथ ही पांच साल में दोगुना व साढ़े पांच साल में ढाई गुणा नकद वापसी का विश्वास दिलवाया। इससे वह और कई अन्य कम-पढ़े लिखे लोग उनके झांसे में आ गए। उन्होंने सोसाइटी के खाते में पैसे जमा करवा दिए। एसएचओ सिविल लाइन ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है।
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इस तरह जमा करवाई है राशि
सोसाइटी में ओमप्रकाश ने 10 लाख, हरीचंद ने साढ़े नौ लाख, रिंकू ने 14.50 लाख, विजय कुमार ने साढ़े सात लाख, मीनाक्षी ने पांच लाख, माला रानी ने 10 लाख, राजपति ने 15 लाख, राजेश कुमार ने 25 लाख, सुरेश ने साढ़े तीन लाख, अमन कुमार ने साढ़े चार लाख, सतीश ने पांच लाख, रामपाल ने तीन लाख, सुखदेव ने ढाई लाख रुपये करके इस तरह से तीन करोड़ रुपये जमा करवा लिए।
पहले कैथल व बाद में दिल्ली का कार्यालय भी बंद मिला
अपनी शिकायत में ओमप्रकाश ने कहा कि वे सोसाइटी के दिल्ली में बताए गए कार्यालय में भी गए। जहां कुछ नहीं मिला। इससे पहले कैथल कार्यालय भी बंद मिला। लखनऊ में मिरेकल अपायटमेंट फ्लैट नंबर 401 टेडी पुलिया कुर्सी रोड आदिल नगर लखनऊ में गए तो वहां उन्हें आश्वासन दिया गया कि पैसा दे देंगे। लेकिन बाद में आरोपी उन्हें पैसा देने से साफ इंकार कर गए।
परिजनों के खातों में ट्रांसफर की सोसाइटी की राशि-पीड़ित वर्ग का कहना है कि उन्हें उस समय शक हुआ, जब आरोपियों ने सोसाइटी के खातों से सारी राशि अपने निजी व परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर ली। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें फर्जी एग्रीमेंट दिए गए। उनकी मांग है कि उनका पैसा दिलवाया जाए।
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गौरतलब है कि आदि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटिड के नाम से एक सोसाइटी का सेक्टर 20 में कार्यालय खोला गया। इसमें लोगों को सदस्य बनाकर चार से पांच साल के लिए एफडी बनाई गई। लोगों को 12 से 16 प्रतिशत ऊंचे ब्याज का सपना दिखाकर एफडी व अन्य कागजात दिए गए। लोगों ने न केवल इस सोसाइटी में खुद के पैसे जमा करवाए, बल्कि अपने जानकारों के पैसे भी जमा करवा दिए। जब एफडी पूरी होने का समय आया तो कार्यालय बंद कर कंपनी अधिकारी फरार हो गए। अब इस मामले में पुलिस ने गांव खेड़ी गुलाम अली निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर आदि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के मालिकों उत्तर प्रदेश के लखनसी ताजेपुर निवासी राजेश कुमार, उसकी पत्नी प्रियंका, ताजोपुर में ही आदि शक्ति डिग्री कॉलेज के विशाल सिंह व दीपक शुक्ला व रामजन्म सिंह के खिलाफ तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है।
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इसमें उसने बताया कि आरोपी आदि क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटिड के नाम से एक सोसाइटी चला रहे थे, जिसमें पता दिल्ली का दिया गया। उन्हें बताया गया कि यह सोसाइटी कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत है। उन्हें 12 से 16 प्रतिशत तक ब्याज देने की बात कही। साथ ही पांच साल में दोगुना व साढ़े पांच साल में ढाई गुणा नकद वापसी का विश्वास दिलवाया। इससे वह और कई अन्य कम-पढ़े लिखे लोग उनके झांसे में आ गए। उन्होंने सोसाइटी के खाते में पैसे जमा करवा दिए। एसएचओ सिविल लाइन ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है।
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इस तरह जमा करवाई है राशि
सोसाइटी में ओमप्रकाश ने 10 लाख, हरीचंद ने साढ़े नौ लाख, रिंकू ने 14.50 लाख, विजय कुमार ने साढ़े सात लाख, मीनाक्षी ने पांच लाख, माला रानी ने 10 लाख, राजपति ने 15 लाख, राजेश कुमार ने 25 लाख, सुरेश ने साढ़े तीन लाख, अमन कुमार ने साढ़े चार लाख, सतीश ने पांच लाख, रामपाल ने तीन लाख, सुखदेव ने ढाई लाख रुपये करके इस तरह से तीन करोड़ रुपये जमा करवा लिए।
पहले कैथल व बाद में दिल्ली का कार्यालय भी बंद मिला
अपनी शिकायत में ओमप्रकाश ने कहा कि वे सोसाइटी के दिल्ली में बताए गए कार्यालय में भी गए। जहां कुछ नहीं मिला। इससे पहले कैथल कार्यालय भी बंद मिला। लखनऊ में मिरेकल अपायटमेंट फ्लैट नंबर 401 टेडी पुलिया कुर्सी रोड आदिल नगर लखनऊ में गए तो वहां उन्हें आश्वासन दिया गया कि पैसा दे देंगे। लेकिन बाद में आरोपी उन्हें पैसा देने से साफ इंकार कर गए।
परिजनों के खातों में ट्रांसफर की सोसाइटी की राशि-पीड़ित वर्ग का कहना है कि उन्हें उस समय शक हुआ, जब आरोपियों ने सोसाइटी के खातों से सारी राशि अपने निजी व परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर ली। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें फर्जी एग्रीमेंट दिए गए। उनकी मांग है कि उनका पैसा दिलवाया जाए।