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एनएचएम के पूर्व डीपीएम के खिलाफ मामला दर्ज
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कैथल। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के पूर्व डीपीएम नरेंद्र कुमार के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोप है कि वह कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने पास रखे हुए हैं। शहर थाना पुलिस ने मामले की जांच एसआई विजेंद्र को सौंपी है।
दिसंबर 2018 में फतेहपुर निवासी कमल शर्मा के खिलाफ एमटीपी किट रखने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। पूंडरी पुलिस चौकी के एसआई शमशेर सिंह ने दिसंबर 2018 में दर्ज हुए एक केस का चालान कोर्ट में निर्धारित समय पर पेश नहीं किया। इस लापरवाही पर उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रही है। इस दौरान पाड़ला निवासी सहायक लेखाकार गंगा बिशन के बयान दर्ज किए। वह भी सेवानिवृत्त हो चुका है। उसने अपने बयान में बताया कि वह वर्ष 2020 में डायरी डिस्पेचर के तौर पर नियुक्त था। 23 जून 2020 को ईएएसआई सतबीर सिंह केस की फाइल लेकर गंगा बिशन के पास गया था।
जिस पर उसने डायरी नंबर लगाकर रिसीविंग दे दी। सीएमओ ने यह फाइल जिला प्रोग्राम मैनेजर नरेंद्र कुमार के नाम कर दी। डायरी डिस्पेचर ने यह फाइल नरेंद्र कुमार को देकर उससे रिसिविंग प्राप्त कर ली थी। अब नरेंद्र कुमार बर्खास्त हो चुका है। उसे जांच में शामिल करने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन वह जानबूझकर जांच में शामिल नहीं हुआ। शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच एसआई विजेंद्र को सौंप दी है।
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दिसंबर 2018 में फतेहपुर निवासी कमल शर्मा के खिलाफ एमटीपी किट रखने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। पूंडरी पुलिस चौकी के एसआई शमशेर सिंह ने दिसंबर 2018 में दर्ज हुए एक केस का चालान कोर्ट में निर्धारित समय पर पेश नहीं किया। इस लापरवाही पर उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रही है। इस दौरान पाड़ला निवासी सहायक लेखाकार गंगा बिशन के बयान दर्ज किए। वह भी सेवानिवृत्त हो चुका है। उसने अपने बयान में बताया कि वह वर्ष 2020 में डायरी डिस्पेचर के तौर पर नियुक्त था। 23 जून 2020 को ईएएसआई सतबीर सिंह केस की फाइल लेकर गंगा बिशन के पास गया था।
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जिस पर उसने डायरी नंबर लगाकर रिसीविंग दे दी। सीएमओ ने यह फाइल जिला प्रोग्राम मैनेजर नरेंद्र कुमार के नाम कर दी। डायरी डिस्पेचर ने यह फाइल नरेंद्र कुमार को देकर उससे रिसिविंग प्राप्त कर ली थी। अब नरेंद्र कुमार बर्खास्त हो चुका है। उसे जांच में शामिल करने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन वह जानबूझकर जांच में शामिल नहीं हुआ। शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच एसआई विजेंद्र को सौंप दी है।
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