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सरपंच पद के लिए जोड़-तोड़ में जुटे प्रत्याशी
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कैथल। जिला परिषद व ब्लॉक समिति के चुनाव के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच पद के लिए सरगर्मियां तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी अपने स्तर पर लोगों को समझाने-बुझाने एवं अपने पक्ष में करने के लिए मुस्तैदी से जुट गए हैं। शाम के समय चौक-चौराहा पर लोगों की उमड़ती भीड़ और जुबान पर सिर्फ चुनाव की ही चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न चौक-चौराहों, चौपालों, गली, मोहल्ले में सुबह और शाम के समय लोगों की जुबान पर चुनाव की चर्चाएं अब आम हो चली है। सरपंच एवं पंच के पद पर चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों का गांव के गलियारों में चहलकदमी तेज हो चुकी है। अपनी कुर्सी बचाकर रखने या फिर नए उम्मीदवार के समर्थन में वर्तमान पंचायत जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों से नजदीकियां और किए गए कार्यों व जनसेवा का चर्चा करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं।
बता दें कि कई गांवों में जिला परिषद व ब्लॉक समिति के चुनाव के बाद सरपंचों के समीकरण बिगड़ गए है। गांव नरड़ व सेगा में जो उम्मीदवार कयास लगा रहे थे कि जिला परिषद के चुनाव के बाद उनकी जीत आसान होगी, लेकिन उनके लिए और अधिक बाधा बन गई है। इसका मुख्य कारण है जो उम्मीदवार जिला परिषद व ब्लॉक समिति का चुनाव लड़ रहे थे। वह किसी भी सरपंच पद के प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरपंच पद के लिए समीकरण बिगड़ चुके हैं।
कई धड़ों में मुकाबला हुआ तेज
गांव सेगा में 10 उम्मीदवार व गांव नरड़ में आठ उम्मीदवार सरपंच पद के लिए अपना भाग्य आजमा रहे हैं। गांव नरड़ में सभी उम्मीदवार शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, खेल सहित गांव की अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों से वोट की अपील कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग उम्मीदवारों को मिलाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सोमवार को गांव नरड़ में एक प्रत्याशी को बिठाने के लिए पंचायत की गई। लेकिन प्रत्याशी नहीं माना और चुनाव लड़ने के लिए कहा। प्रत्याशी ने कहा कि उसकी चाहे कुछ भी वोट न आए लेकिन वह अपना चुनाव लड़ेगा किसी को अपना समर्थन नहीं देगा।
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बता दें कि कई गांवों में जिला परिषद व ब्लॉक समिति के चुनाव के बाद सरपंचों के समीकरण बिगड़ गए है। गांव नरड़ व सेगा में जो उम्मीदवार कयास लगा रहे थे कि जिला परिषद के चुनाव के बाद उनकी जीत आसान होगी, लेकिन उनके लिए और अधिक बाधा बन गई है। इसका मुख्य कारण है जो उम्मीदवार जिला परिषद व ब्लॉक समिति का चुनाव लड़ रहे थे। वह किसी भी सरपंच पद के प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरपंच पद के लिए समीकरण बिगड़ चुके हैं।
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कई धड़ों में मुकाबला हुआ तेज
गांव सेगा में 10 उम्मीदवार व गांव नरड़ में आठ उम्मीदवार सरपंच पद के लिए अपना भाग्य आजमा रहे हैं। गांव नरड़ में सभी उम्मीदवार शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, खेल सहित गांव की अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों से वोट की अपील कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग उम्मीदवारों को मिलाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सोमवार को गांव नरड़ में एक प्रत्याशी को बिठाने के लिए पंचायत की गई। लेकिन प्रत्याशी नहीं माना और चुनाव लड़ने के लिए कहा। प्रत्याशी ने कहा कि उसकी चाहे कुछ भी वोट न आए लेकिन वह अपना चुनाव लड़ेगा किसी को अपना समर्थन नहीं देगा।
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