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Kaithal News: बसों का चक्का जाम, यात्री हुए परेशान
Thu, 25 Jan 2024 04:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 25 Jan 2024 04:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विभिन्न मांगों के समर्थन में रोडवेज कर्मियों की ओर से बुधवार को हड़ताल का आह्वान किया था। कैथल डिपो में रोडवेज का चक्का जाम का मिला-जुला असर दिखाई दिया। हालांकि बसों के न चलने से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानियां भी झेलनी पड़ी। इसके चलते लंबे रूटों पर बसें देरी से मिली और स्थानीय रूटों पर अधिक परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ी।
इस दौरान डिपो में हरियाणा रोडवेज निगम के तहत कार्यरत 52 कर्मियों ने कमान संभाली। इन कर्मियों में चालक व परिचालक शामिल रहे। इस दौरान कैथल डिपो की ओर से 120 बसों का रूटों पर संचालित किया गया जबकि इसमें 23 बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल रही। स्थानीय रूटों में शामिल चीका व पातड़ा रूटों पर पंजाब रोडवेज और निजी बसें ही सहारा बनी। हड़ताल से पंजाब रोडवेज और निजी बसों में भीड़ देखने को मिली।
सुबह दिखी परेशानी, बाद में मिली राहत ः रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सुबह के समय नए बस अड्डा पर पहुंचे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जबकि बाद में बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को राहत मिली। सुबह के समय बस स्टैंड पर यात्री रवि ने कहा कि उसे सुबह के समय दिल्ली जाना था, लेकिन उसे करीब एक घंटे का इंतजार करने के बाद यह बस मिली। इस बस में काफी भीड़ दिखाई दी। काफी दिक्कतों का सामना करने के बाद यह बस मिली है।
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वहीं, शुभम ने बताया कि उसे चंडीगढ़ जाना था, लेकिन सुबह के समय चंडीगढ़ जाने वाले बस का संचालन करीब दो घंटे के बाद हुआ। इस कारण परेशानी हुई।सरकार ने मांगों पर सहमति तो जताई है, लेकिन इन्हें लागू करने के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारी यूनियन की साझा मोर्चा ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है। मांगों को जल्द ही पूरा न किया गया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। सरकार ने छुट्टियों में कटौती की है। रूट परमिट का निजीकरण किया जा रहा है। इससे जनता को भी परेशानी होगी। यदि नियमित पदों को भरा जाएगा तो युवाओं को नौकरी मिलेगी।
- महाबीर संधू, यूनियन के नेता
रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल का आह्वान तो किया था, लेकिन कैथल डिपो में बसों के संचालन को लेकर स्थिति सामान्य रही। इस दौरान सुबह के समय तो यात्रियों को कुछ परेशानी हुई, लेकिन दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई थी। डिपो पर सामान्य दिनों की तरह की बसें अपने-अपने रूटों पर निर्धारित समय चली। लंबे रूट पर चलने वाली जयपुर, देहरादून, हरिद्वार सहित अन्य रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। - अजय गर्ग, रोडवेज महाप्रबंधक, कैथल।
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कैथल। विभिन्न मांगों के समर्थन में रोडवेज कर्मियों की ओर से बुधवार को हड़ताल का आह्वान किया था। कैथल डिपो में रोडवेज का चक्का जाम का मिला-जुला असर दिखाई दिया। हालांकि बसों के न चलने से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानियां भी झेलनी पड़ी। इसके चलते लंबे रूटों पर बसें देरी से मिली और स्थानीय रूटों पर अधिक परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ी।
इस दौरान डिपो में हरियाणा रोडवेज निगम के तहत कार्यरत 52 कर्मियों ने कमान संभाली। इन कर्मियों में चालक व परिचालक शामिल रहे। इस दौरान कैथल डिपो की ओर से 120 बसों का रूटों पर संचालित किया गया जबकि इसमें 23 बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल रही। स्थानीय रूटों में शामिल चीका व पातड़ा रूटों पर पंजाब रोडवेज और निजी बसें ही सहारा बनी। हड़ताल से पंजाब रोडवेज और निजी बसों में भीड़ देखने को मिली।
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सुबह दिखी परेशानी, बाद में मिली राहत ः रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सुबह के समय नए बस अड्डा पर पहुंचे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जबकि बाद में बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को राहत मिली। सुबह के समय बस स्टैंड पर यात्री रवि ने कहा कि उसे सुबह के समय दिल्ली जाना था, लेकिन उसे करीब एक घंटे का इंतजार करने के बाद यह बस मिली। इस बस में काफी भीड़ दिखाई दी। काफी दिक्कतों का सामना करने के बाद यह बस मिली है।
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वहीं, शुभम ने बताया कि उसे चंडीगढ़ जाना था, लेकिन सुबह के समय चंडीगढ़ जाने वाले बस का संचालन करीब दो घंटे के बाद हुआ। इस कारण परेशानी हुई।सरकार ने मांगों पर सहमति तो जताई है, लेकिन इन्हें लागू करने के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारी यूनियन की साझा मोर्चा ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है। मांगों को जल्द ही पूरा न किया गया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। सरकार ने छुट्टियों में कटौती की है। रूट परमिट का निजीकरण किया जा रहा है। इससे जनता को भी परेशानी होगी। यदि नियमित पदों को भरा जाएगा तो युवाओं को नौकरी मिलेगी।
- महाबीर संधू, यूनियन के नेता
रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल का आह्वान तो किया था, लेकिन कैथल डिपो में बसों के संचालन को लेकर स्थिति सामान्य रही। इस दौरान सुबह के समय तो यात्रियों को कुछ परेशानी हुई, लेकिन दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई थी। डिपो पर सामान्य दिनों की तरह की बसें अपने-अपने रूटों पर निर्धारित समय चली। लंबे रूट पर चलने वाली जयपुर, देहरादून, हरिद्वार सहित अन्य रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। - अजय गर्ग, रोडवेज महाप्रबंधक, कैथल।