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गुहला में सांड़ भिड़े, एक घायल
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Fri, 03 Jul 2015 12:08 AM IST
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गुहला चीका। गुहला गांव के वार्ड नंबर 10-11 व 13 में सांड़ों की तिकड़ी ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। तीनों सांड़ अब तक आधा दर्जन लोगों को घायल कर चुके हैं। वार्ड 11 निवासी पोला राम खेतों की तरफ जा रहा था कि रास्ते में मीरां नौ बहार पीर की दरगाह के पास एक सांड़ ने उसका रास्ता रोक लिया।
सांड़ ने पोला राम की टांगों के बीच सींग फंसाकर सिर पर उठा लिया और फिर तेजी से सिर घुमाकर दूर जमीन पर जा पटका। सांड़ ने ऐसा दो बार किया। लोगों ने सांड़ को भगाया। पोला राम के भाई जरनैल सिंह ने बताया कि अगर लोग लाठियों से सांड़ को ना भगाते तो सांड़ पोला राम को अपने खुरों से कुचलने वाला था। पोला राम को घायलावस्था में चीका अस्पताल लाया गया, जहां से उसे पटियाला रेफर कर दिया गया।
गांव वासियों के अनुसार, सांड़ कई बार आपस में ही भिड़ जाते हैं तथा एक दूसरे को धकियाने के चक्कर में आसपास खड़े मोटर साइकिलों व अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा चुके हैं। गर्मी की छुट्टियां खतम होने के बाद बच्चों का स्कूल आना जाना शुरू हो गया है। सांड़ गुहला के सरकारी स्कूल के आसपास घूमते रहते हैं। इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहम चढ़ा हुआ है।
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गांव वासी दारा सिंह, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र वधावन, गुलशन कुमार, जरनैल सिंह, बनारसी दास, संजू सैनी, अमरनाथ सैनी, कमलजीत व चतर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस सांड़ों का इंतजाम करे अन्यथा किसी ना किसी का जानी व माली नुकसान हो सकता है।
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सांड़ ने पोला राम की टांगों के बीच सींग फंसाकर सिर पर उठा लिया और फिर तेजी से सिर घुमाकर दूर जमीन पर जा पटका। सांड़ ने ऐसा दो बार किया। लोगों ने सांड़ को भगाया। पोला राम के भाई जरनैल सिंह ने बताया कि अगर लोग लाठियों से सांड़ को ना भगाते तो सांड़ पोला राम को अपने खुरों से कुचलने वाला था। पोला राम को घायलावस्था में चीका अस्पताल लाया गया, जहां से उसे पटियाला रेफर कर दिया गया।
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गांव वासियों के अनुसार, सांड़ कई बार आपस में ही भिड़ जाते हैं तथा एक दूसरे को धकियाने के चक्कर में आसपास खड़े मोटर साइकिलों व अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा चुके हैं। गर्मी की छुट्टियां खतम होने के बाद बच्चों का स्कूल आना जाना शुरू हो गया है। सांड़ गुहला के सरकारी स्कूल के आसपास घूमते रहते हैं। इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहम चढ़ा हुआ है।
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गांव वासी दारा सिंह, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र वधावन, गुलशन कुमार, जरनैल सिंह, बनारसी दास, संजू सैनी, अमरनाथ सैनी, कमलजीत व चतर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस सांड़ों का इंतजाम करे अन्यथा किसी ना किसी का जानी व माली नुकसान हो सकता है।