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टूटी आस, नहीं मिली फुट ओवरब्रिज की मंजूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 01:12 AM IST
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Broken hope, no approval for foot overbridge
०1-कैथल। राम नगर बंद कई महीनों से बंद पड़े रेलवे फाटक से निकलने का प्रयास करते हुए मोटर साइकिल सवार - फोटो : Kaithal
कैथल। प्रदेश सरकार ने पुराने रेलवे स्टेशन के समीप फाटक पर बनने वाले फुट ओवर ब्रिज को मंजूरी नहीं दी है। इससे रेलवे लाइन के दोनों तरफ स्थित 25 के अधिक कॉलोनियों के करीब 40 हजार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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गौरतलब है कि रेलवे ने स्टेशन के यार्ड में आने के कारण रामनगर और चंदाना गेट की तरफ जाने वाला रेलवे फाटक बंद कर दिया था। इसके बाद यहां के लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और एक बार पैसेंजर ट्रेन को भी रोका गया। लोगों के विरोध के बाद कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी ने यहां पर रेलवे फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग संसद में की थी। इसके बाद रेलवे ने फुटओवर ब्रिज बनाने के संबंध में फिजिबिलिटी की जांच की तो ब्रिज निर्माण की संभावनाएं जताई गईं। तब रेलवे ने ब्रिज के निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था लेकिन राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया। ऐसे में इस ब्रिज के निर्माण शुरू होने पर संकट के बादल छा गए हैं।
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राजेश भट्ट, रामदयाल, बलवंत व प्रताप सिंह ने बताया कि फाटक न खुलने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। पहले तो इस फाटक के रास्ते से चंदाना गेट से अनाज मंडी और अनाज मंडी से चंदाना गेट पर आसानी से चले जाते थे। अब यहां जाने के आरओबी या अंडरपास का प्रयोग करना पड़ रहा है। यदि रेलवे फाटक खोलने की मांग को पूरा करेगी तो काफी लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
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वैकल्पिक रास्ते की हो व्यवस्था
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि इस फाटक पर प्रतिदिन हजारों का लोगों का आना-जाना रहता है। अनाज मंडी के सीजन के दौरान तो इस फाटक से काफी सुगम रास्ता है। यहां पर रेलवे को वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करनी जानी चाहिए।
तय करनी पड़ रही दोगुनी दूरी
फाटक बंद होने से तय करनी पड़ती है दोगुनी दूरी
दर्शन सैनी ने बताया कि इस फाटक के बंद होने के कारण उन्हें दोगुनी दूरी तय करके इस पार से दूसरी ओर जाना पड़ता है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन पर भी नहीं पहुंचा जा सकता है। यदि फाटक खुलेगा तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
अंतिम संस्कार के लिए जाने में होती है मुश्किल
राजेश सिसौदिया ने बताया कि पहल फाटक के रास्ते से चंदाना गेट से अनाज मंडी और अनाज मंडी से चंदाना गेट पर आसानी से चले जाते थे। अब यहां जाने के आरओबी या अंडरपास का प्रयोग करना पड़ रहा है। फाटक बंद से सबसे अधिक परेशानी मृत लोगों के शवों के संस्कार के लिए श्मशान जाने में मुश्किलें हो रही हैं।

रेलवे ने कुछ समय पहले की कैथल रेलवे स्टेशन के समीप बंद किए गए फाटक को खोलने के लिए फुटओवर ब्रिज बनने की योजना बनी थी। रेलवे ने इसके निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पास नहीं किया है। इसके निर्माण पर राज्य सरकार को फैसला लेना है।
जेके अरोड़ा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर
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