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Kaithal News: सम्मेलन में खेत मजदूरों की समस्याओं पर किया मंथन
Thu, 06 Mar 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Mar 2025 01:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जींद रोड स्थित शहीद भगत सिंह भवन में बुधवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन राज्य कमेटी के तत्वावधान में खेत मजदूर महिलाओं का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें
सम्मेलन का उद्घाटन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने किया। उन्होंने कहा कि देश के आजादी के आंदोलन में अन्य लोगों के साथ किसान व खेत मजदूरों ने बड़ी भूमिका अदा की थी और उस दौरान एक नारा ‘रात अंधेरी कट के रहेगी धन और धरती बंट के रहेगी’ लोकप्रिय हुआ था। आजादी के बाद भी यह नारा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि खेत मजदूर वह तबका है, जो अपना श्रम बेचकर देश के विकास में योगदान कर रहा है लेकिन महंगाई के अनुसार खेत मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई जा रही है और ना ही खेत मजदूरों के पक्ष में कोई केंद्रीय कानून बनाया गया है। ऐसे में खेत मजदूर शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की भी सरकार अनदेखी कर रही है । सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, उपकरण व दवाइयों की कमी के कारण निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्च करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
राज्य महासचिव प्रेम चंद ने प्रस्ताव रखते हुए कहा 2017-18 के भारत के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पुरुषों का ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी प्रवासन बढ़ने से कृषि में अब और अधिक महिलाएं किसानों, उद्यमियों और मजदूरों की भूमिका में कदम रख रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा की उपयोगिता साबित हुई है। बड़ी संख्या में महिलाएं काम करने के लिए आती हैं। इन महिलाओं के बैंक में अपने खाते हैं कुछ हद तक थोड़ी ही सही आर्थिक आत्मनिर्भरता बनाने में महिलाओं को फायदा हुआ है। खेती में लगातार सार्वजनिक निवेश में कमी व एमएसपी व कानूनी गारंटी के अभाव और उत्पादन लागत बढ़ने से खेती में संकट गहरा गया है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कामरेड जगमाल सिंह, रंजू, पूनम, सरोज व मूर्ति देवी ने संयुक्त रुप से की व संचालन कामरेड प्रेम चंद ने किया। इस अवसर पर सरोज, पूनम, मूर्ति, सिंद्र कौर, रामकुमार बहबलपूरिया, राजेंद्र, संदीप सिंह, जगमाल सिंह, मियां सिंह, विक्रम, शिवानी ने भी विचार रखे।
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कैथल। जींद रोड स्थित शहीद भगत सिंह भवन में बुधवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन राज्य कमेटी के तत्वावधान में खेत मजदूर महिलाओं का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें
सम्मेलन का उद्घाटन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने किया। उन्होंने कहा कि देश के आजादी के आंदोलन में अन्य लोगों के साथ किसान व खेत मजदूरों ने बड़ी भूमिका अदा की थी और उस दौरान एक नारा ‘रात अंधेरी कट के रहेगी धन और धरती बंट के रहेगी’ लोकप्रिय हुआ था। आजादी के बाद भी यह नारा बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि खेत मजदूर वह तबका है, जो अपना श्रम बेचकर देश के विकास में योगदान कर रहा है लेकिन महंगाई के अनुसार खेत मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई जा रही है और ना ही खेत मजदूरों के पक्ष में कोई केंद्रीय कानून बनाया गया है। ऐसे में खेत मजदूर शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की भी सरकार अनदेखी कर रही है । सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, उपकरण व दवाइयों की कमी के कारण निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्च करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
राज्य महासचिव प्रेम चंद ने प्रस्ताव रखते हुए कहा 2017-18 के भारत के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पुरुषों का ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी प्रवासन बढ़ने से कृषि में अब और अधिक महिलाएं किसानों, उद्यमियों और मजदूरों की भूमिका में कदम रख रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा की उपयोगिता साबित हुई है। बड़ी संख्या में महिलाएं काम करने के लिए आती हैं। इन महिलाओं के बैंक में अपने खाते हैं कुछ हद तक थोड़ी ही सही आर्थिक आत्मनिर्भरता बनाने में महिलाओं को फायदा हुआ है। खेती में लगातार सार्वजनिक निवेश में कमी व एमएसपी व कानूनी गारंटी के अभाव और उत्पादन लागत बढ़ने से खेती में संकट गहरा गया है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कामरेड जगमाल सिंह, रंजू, पूनम, सरोज व मूर्ति देवी ने संयुक्त रुप से की व संचालन कामरेड प्रेम चंद ने किया। इस अवसर पर सरोज, पूनम, मूर्ति, सिंद्र कौर, रामकुमार बहबलपूरिया, राजेंद्र, संदीप सिंह, जगमाल सिंह, मियां सिंह, विक्रम, शिवानी ने भी विचार रखे।