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अब सड़कों पर नहीं बहेगा खून

Sat, 01 Oct 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Sat, 01 Oct 2016 12:02 AM IST
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black spot search in district, sdm take meeting, road accident, kaithal
बैठक लेतीं एसडीएम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
हर रोज सड़कों पर बह रहे खून का सबसे बड़ा कारण बने मौत के प्वाइंट्स की पहचान के लिए प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। करीब पांच साल पहले चिह्नित किए गए खतरनाक प्वाइंट्स के बाद अब एक बार फिर इन प्वाइंट्स के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की पहली बैठक में पूरे जिले के खतरनाक प्वाइंट्स की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद तीन चरणों में इन पर काम करते हुए सड़क हादसों के कारणों का निदान किया जाएगा।
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सरकार ने जिला प्रॉटोकॉल फार ब्लैक स्पॉट-आईडेंटिफिकेशन एंड रेक्टिफिकेशन कमेटी का गठन किया है। जिसे सड़कों पर हर रोज होने वाले हादसों में कमी लाने के लिए ऐसे प्वाइंट्स की सूची तैयार करनी है। जो सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। इस कमेटी में 6 विभागों के आला अधिकारी शामिल हैं। कमेटी की पहली बैठक शनिवार को एसडीएम कार्यालय में हुई। जिसमें कमेटी की अध्यक्ष एसडीएम मनदीप कौर, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, एक्सईन हुडा, एक्सईएन नगर परिषद, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीएसपी सतीश गौतम ने भाग लिया।
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हादसों को देखकर तय किए जाएंगे खतरनाक प्वाइंट्स
कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया कि एक जनवरी 2016 से 29 सितंबर 2016 तक जिले में जितने भी गंभीर सड़क हादसे हुए हैं। उनकी जगह एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन खतरनाक प्वाइंट्स को चिह्नित किया जाएगा। ताकि वहां आने वाली बाधाओं को दूर करते हुए लोगों को हादसों से बचाया जा सके। 15 अक्तूबर तक इन प्वाइंट्स का विजिट कर हादसों के बिंदूवार कारण तैयार किए जाएंगे।
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कई तरह के पहलुओं पर होगा फोकस
जिले से गुजर रहे नेशनल हाइवे नंबर 71 सहित राज्य राजमार्गों पर खतरनाक प्वाइंट्स में अंधे मोड़, मोड़ के ऊपर खड़े पेड़, बिजली के खंभों, प्रचार बोर्ड सामग्री, स्पीड ब्रेकर की कमी, सड़क पर संकेतकों की कमी, लाइटों की कमी, डिवाइडरों की कमी, सूचक प्वाइंट्स सहित कई तरह के पहलुओं पर फोकस होगा।

तीन चरणों में होगा हादसों के कारणों का निदान
कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार तीन चरणों में सड़क हादसों के कारणों का निदान होगा। जिसमें प्रथम चरण में ऐसे उपाय किए जाएंगे, जो कम समय में किए जा सकते हैं। जिसमें सड़कों पर संकेतक लगाने से लेकर सफेद पट्टी लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। इसके बाद मध्यम अवधि में स्पीड ब्रेकर सहित अन्य कामों को और तीसरे चरण में ओवर एवं अंडर ब्रिज बनाए जाने जैसे उपायों पर विचार किया जाएगा।

9 माह में 160 हादसों में 100 से ज्यादा ने गंवाई जान
एक जनवरी 2016 से अब तक 160 बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। जिसमें 100 से ज्यादा लोग अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं। वहीं सैकड़ों की संख्या में लोग घायल होकर अपंग हो गए। सरकार का प्रयास है कि सड़क पर लोगों का खून ना बहे। इसलिए कमेटी में शामिल अधिकारियों को हर तीन माह में ब्लैक स्पॉट्स को लेकर सुधार के कदम उठाए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।


सरकार के आदेशानुसार जिला प्रॉटोकॉल फार ब्लैक स्पॉट-आईडेंटिफिकेशन एंड रेक्टिफिकेशन कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि पहले जो ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित थे, उनका दौरा किया जाए। पुलिस यह सूची उपलब्ध करवा रही है। इसके बाद इन प्वाइंट्स का दौरा किया जाएगा। इसी के साथ यहां सड़क हादसों के कारणों के निदान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मनदीप कौर, एसडीएम कैथल और कमेटी की अध्यक्ष
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