{"_id":"69dc0ec0d91b6f863604e02b","slug":"bhakiyu-expressed-anger-over-not-providing-gunny-bags-kaithal-news-c-245-1-kht1012-147822-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: बारदाना उपलब्ध नहीं करवाने पर भाकियू ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: बारदाना उपलब्ध नहीं करवाने पर भाकियू ने जताया रोष
Mon, 13 Apr 2026 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:59 AM IST
विज्ञापन
गुहला चीका। चीका की अनाज मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं करवाए जाने पर भाकियू ने रोष जताया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह बनेड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार गेहूं खरीद के बड़े बड़े दावे तो कर रही है लेकिन सरकार के पास समुचित मात्रा में बारदाना तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सरकार के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे है। चमकौर बनेड़ा आज चीका अनाज मंडी में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
चमकौर बनेड़ा ने कहा कि सरकार की तरफ से जो थोड़ा बहुत बारदाना भेजा गया था वह अधिकारियों ने रिश्वत लेकर अपने चहेतों को बांट दिया है। ऐसे में छोटे आढ़ती एक एक थैले के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि बायोमेट्रिक के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मौसम किसानों को नुकसान पहुंचा रहा है दूसरी तरफ सरकार की गलत नीतियां उनके लिए मुसीबतें पैदा कर रही है। चमकौर ने कहा कि प्रशासन ना तो मंडियों में से गेहूं का उठान करवा पा रहा है और ना ही मंडियों से बाहर गेहूं डालने की इजाजत दे रहा है ऐसे में किसान व आढ़तियों को समझ नहीं आ रहा कि वे इस स्थित से कैसे निपटें। चमकौर सिंह ने कहा कि सरकार किसान व आढ़तियों को दो फाड़ करना चाहती है। संवाद
विज्ञापन
चमकौर बनेड़ा ने कहा कि सरकार की तरफ से जो थोड़ा बहुत बारदाना भेजा गया था वह अधिकारियों ने रिश्वत लेकर अपने चहेतों को बांट दिया है। ऐसे में छोटे आढ़ती एक एक थैले के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि बायोमेट्रिक के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मौसम किसानों को नुकसान पहुंचा रहा है दूसरी तरफ सरकार की गलत नीतियां उनके लिए मुसीबतें पैदा कर रही है। चमकौर ने कहा कि प्रशासन ना तो मंडियों में से गेहूं का उठान करवा पा रहा है और ना ही मंडियों से बाहर गेहूं डालने की इजाजत दे रहा है ऐसे में किसान व आढ़तियों को समझ नहीं आ रहा कि वे इस स्थित से कैसे निपटें। चमकौर सिंह ने कहा कि सरकार किसान व आढ़तियों को दो फाड़ करना चाहती है। संवाद
विज्ञापन