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Kaithal News: खाद की परेशानी पर भाकियू नाराज
Tue, 29 Jul 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। अनाज मंडी स्थित किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भाकियू खंड प्रधान जिले सिंह मोर ने की, जबकि कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली और जिला प्रधान गुरनाम सिंह सहारण विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। गुरनाम सिंह सहारण ने कहा कि इन दिनों धान की रोपाई का कार्य चल रहा है, लेकिन डीएपी और यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को जबरन दवाइयां, जिंक और सल्फर जैसे उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर तो पांच कट्टे यूरिया के साथ एक कट्टा चीनी भी अनिवार्य रूप से दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को खुलेआम लूटा जा रहा है, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हो रही। प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने कहा कि न तो पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और न ही नहरों में पानी। ऐसे में किसान अपनी फसल कैसे तैयार करे, यह बड़ा सवाल है।
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बैठक में किसानों ने सरकार से इस स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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कलायत। अनाज मंडी स्थित किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भाकियू खंड प्रधान जिले सिंह मोर ने की, जबकि कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली और जिला प्रधान गुरनाम सिंह सहारण विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। गुरनाम सिंह सहारण ने कहा कि इन दिनों धान की रोपाई का कार्य चल रहा है, लेकिन डीएपी और यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को जबरन दवाइयां, जिंक और सल्फर जैसे उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर तो पांच कट्टे यूरिया के साथ एक कट्टा चीनी भी अनिवार्य रूप से दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को खुलेआम लूटा जा रहा है, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हो रही। प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने कहा कि न तो पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और न ही नहरों में पानी। ऐसे में किसान अपनी फसल कैसे तैयार करे, यह बड़ा सवाल है।
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बैठक में किसानों ने सरकार से इस स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।