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Kaithal News: खेल का मैदान बन कर रह गया भाई उदय सिंह का किला
Sat, 18 Apr 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 18 Apr 2026 03:07 AM IST
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बदहाल पड़ा भाई उदय सिंह का किला।
अंबर
कैथल। ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचान रखने वाला भाई उदय सिंह का किला अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। दीवारों में दरारें हो गई हैं। सफाई न होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और परिसर में उगी ऊंची-ऊंची घास इसकी उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है। जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना था, वह आज बच्चों के क्रिकेट खेलने का मैदान बनकर रह गया है।
जानकारी के अनुसार भाई उदय सिंह का किला 1757 में बनाया गया था और लंबे समय तक प्रशासनिक व सैन्य दृष्टि से अहम रहा। इसे अंग्रेजों ने अपनी विरासत में भी शामिल किया था। इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में काफी महत्व दिया जाता है। इसके बाद भी किले के संरक्षण के नाम पर यहां कुछ भी ठोस कार्य नहीं हुआ। इस किले के परिसर में समय-समय पर सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बड़े-बड़े मंच सजते हैं, भीड़ जुटती है, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही यह स्थल फिर से उपेक्षा का शिकार हो जाता है। कूड़ा-कचरा यहीं छोड़ दिया जाता है, जिसकी सफाई की व्यवस्था नहीं की जाती। इस किले को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं, लेकिन यहां की अव्यवस्था और गंदगी उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है। संवाद
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- डॉ़ रामेश्वर फौजी, नीमवाला ने बताया कि यह किला हमारी पहचान है, लेकिन इसकी हालत देखकर दुख होता है। प्रशासन सिर्फ कार्यक्रम करने तक सीमित है, रखरखाव की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। इस किले को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाएगा।
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- सविता देवी का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया है। इतना ही नहीं, यहां अक्सर गोवंश भी देखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई घर पर महमान आता है और उसे इस किले की सैर करवाने के लिए लाते हैं तो चारों तरफ गंदगी देखकर शर्मिंदगी होती है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह स्थिति ठीक नहीं है। इससे शहर की सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है।
- संदीप शर्मा ने बताया कि यह जगह अब खेल का मैदान बन गई है। बच्चे यहां क्रिकेट खेलते हैं, जिससे दीवारों को और नुकसान हो रहा है। अगर इसे सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है। इससे जिले के राजस्व में भी बढोतरी होगी और वो पैसा शहर के विकास के लिए काम आ सकता है।
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कैथल। ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचान रखने वाला भाई उदय सिंह का किला अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। दीवारों में दरारें हो गई हैं। सफाई न होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और परिसर में उगी ऊंची-ऊंची घास इसकी उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है। जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना था, वह आज बच्चों के क्रिकेट खेलने का मैदान बनकर रह गया है।
जानकारी के अनुसार भाई उदय सिंह का किला 1757 में बनाया गया था और लंबे समय तक प्रशासनिक व सैन्य दृष्टि से अहम रहा। इसे अंग्रेजों ने अपनी विरासत में भी शामिल किया था। इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में काफी महत्व दिया जाता है। इसके बाद भी किले के संरक्षण के नाम पर यहां कुछ भी ठोस कार्य नहीं हुआ। इस किले के परिसर में समय-समय पर सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बड़े-बड़े मंच सजते हैं, भीड़ जुटती है, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही यह स्थल फिर से उपेक्षा का शिकार हो जाता है। कूड़ा-कचरा यहीं छोड़ दिया जाता है, जिसकी सफाई की व्यवस्था नहीं की जाती। इस किले को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं, लेकिन यहां की अव्यवस्था और गंदगी उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है। संवाद
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- डॉ़ रामेश्वर फौजी, नीमवाला ने बताया कि यह किला हमारी पहचान है, लेकिन इसकी हालत देखकर दुख होता है। प्रशासन सिर्फ कार्यक्रम करने तक सीमित है, रखरखाव की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। इस किले को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाएगा।
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- सविता देवी का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया है। इतना ही नहीं, यहां अक्सर गोवंश भी देखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई घर पर महमान आता है और उसे इस किले की सैर करवाने के लिए लाते हैं तो चारों तरफ गंदगी देखकर शर्मिंदगी होती है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह स्थिति ठीक नहीं है। इससे शहर की सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है।
- संदीप शर्मा ने बताया कि यह जगह अब खेल का मैदान बन गई है। बच्चे यहां क्रिकेट खेलते हैं, जिससे दीवारों को और नुकसान हो रहा है। अगर इसे सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है। इससे जिले के राजस्व में भी बढोतरी होगी और वो पैसा शहर के विकास के लिए काम आ सकता है।

बदहाल पड़ा भाई उदय सिंह का किला।