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14 साल पहले शुरू की गई योजना में आज तक नहीं मिले 28 गांवों के पात्र लोगों को हक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 12:14 AM IST
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Beneficiaries of 28 villages waiting for the right for 14 years
कैथल। सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई महात्मा गांधी गरीब बस्ती योजना में 14 साल बाद भी लाभार्थी हक के लिए भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि जिले के 28 गांव ऐसे हैं, जहां प्लाट काट दिए गए लेकिन लोगों को कब्जा नहीं मिला। 21 गांव तो ऐसे हैं, जहां एक भी प्लाट पर प्रशासन पात्र लोगों को कब्जा नहीं दिलवा पाया है। बाबा लदाना गांव में पिछले माह से गांव के पात्र लोग धरने पर बैठे हैं लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। किसी गांव में दबंगई के कारण, किसी में तालाबों में प्लाट काटने के कारण तो किसी गांव में कोर्ट में लंबित मामलों के कारण लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया है।
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योजना के तहत गांवों में बीपीएल, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के पात्र लोगों को सौ-सौ गज के प्लाट दिए जाने थे। वर्ष 2008 में शुरू हुई योजना के बाद जिले के 283 गांवों में से नौ गांवों के लोगों ने आवेदन ही नहीं किया। 37 ऐसे गांव थे, जिनमें जगह नहीं मिली। इन गांवों के लोगों के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। शेष गांवों में पूरे जिले में 18532 परिवार पात्र पाए गए थे। इनमें से 18315 की संख्या में प्लाट आवंटित किए जाने थे। पिछले 14 साल में सरकार ने इनमें से 15625 प्लाट दिए हैं। 28 गांवों में पात्र परिवारों को 2707 प्लाट आज तक आवंटित नहीं किए जा सके हैं। ज्यादातर गांवों में दबंगई, गांव से दूर की जगह में प्लाट काटने, तालाब आदि की जगह में प्लाट काटने और कोर्ट केस के कारण पात्र परिवार आज भी लाभ से वंचित हैं।
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एक बार पात्रों को प्लाट देकर फिर पंचायत ने मार्केटिंग बोर्ड को दे दी जमीन-गांव बाबा लदाना में लोग पिछले सात माह से इस योजना के लाभ के लिए धरने पर बैठे हैं। ग्रामीण रामकरण, देवराज सहित अन्य ने बताया कि पहले पंचायत ने उन्हें गांव में जहां पर जगह दी थी। उस जगह को मार्केटिंग बोर्ड को दे दिया गया। जब यहां गोदाम बनने शुरू हुए तो उन्हें इस बात की जानकारी मिली। उन्होंने काम रुकवा दिया और पिछले सात माह से वे यहां धरने पर हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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इस तरह से लंबित हैं प्लाटों पर कब्जा देने की प्रक्रिया-जिले में गांव पोबाला में 11, अजीमगढ़ में 87, भागल में 207, भूसला में 101, हरिगढ़ किंगन 113, खरल में 17, रेवाड़ जागीर में 21, भाणा में 38, पाई में 886, टयोंठा में 276, सौंगरी में 20, गलियाणा में 20, तारागढ़ में 39, सौंगल में 148, नंदकरण माजरा में 34, कुकरकंडा में 13, किठाना में 155, कसान में 99, कसौर में 32, पिसौल में 70, फर्श माजरा में 46, बाबा लदाना में 51, बुढाखेड़ा में 11, चंदाना में 81, जगदीशुपरा में 16, खेड़ी शेरू में 97 प्लाट लोगों को दिए जाने हैं। इन गांवों में कई जगह दबंग लोगों के प्रभाव के कारण, कई जगहों पर जमीन गांवों से दूर होने, कई गांवों में कोर्ट में मामले विचाराधीन होने के कारण लोग लाभ से वंचित हैं।
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