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बाबा ठंडू नाथ डेरे के महंत बने बालक नाथ
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कैथल। कैलरम गांव में बाबा ठंडूनाथ की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। इसके साथ ही महंत योगी बालक नाथ को बाबा ठंडूनाथ के डेरे की गद्दी सौंप दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अस्थल बोहर रोहतक के महंत एवं सांसद पीर बालक नाथ ने शिरकत की। सबसे पहले बाबा बालक नाथ ठंडू नाथ के डेरे में पहुंचे। वहां ठंडूनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाया। इसके बाद ढोल-ताशे के साथ भंडारा स्थल पर पहुंचे। वहां धुणे से तिलक माथे पर लगाया। इसके बाद वहां पर लगी गद्दी पर बैठकर आए साधु समाज को आशीर्वाद दिया। इसके बाद उन्होंने कैलरम के महंत योगी बालक नाथ को गद्दी पर बैठाया और उनको चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान कैलरम और तितरम गांव के सभी पंचों ने योगी बालक नाथ को डेरे के नाम पांच लाख 51 हजार रुपये देकर व शॉल ओढ़ाकर गद्दी पर बैठाया। इसके अलावा कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य महंत व पीरों ने महंत को शगुन देकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद महंतों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में देशभर से लगभग 12 हजार साधु-संत पहुंचे थे। संतों को योगी बालक नाथ ने दक्षिणा के तौर पर दो-दो हजार रुपये दिए।
अस्थल बोहर रोहतक से महंत पीर बालक नाथ ने गांव कैलरम में लगे भंडारे की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसा भंडारा पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि कैलरम गांव के लोगों ने महासिद्ध बाबा ठंडूनाथ की परंपरा को साधना से आगे बढ़ाने का काम किया है। इसी का फल है कि 600 वर्ष पूर्व सिद्ध योगी बाबा ठंडू नाथ जी ने इस स्थान पर तप साधना की थी, आज भी ग्रामीणों में उनकी तप साधना के प्रति समर्पण भाव देखने को मिल रहा है। 600 वर्षों से लगातार इस परंपरा को आप सभी ने आगे बढ़ाया है। हमें सिद्ध महापुरुषों के जीवन राह पर चलते हुए कुछ बुराइयों को त्यागने की जरूरत है। कहा कि उन्होंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि गांव में 18 मार्च से लगातार भंडारा चल रहा है और गांव में शराब का उपयोग बंद है। यह सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि जब गांव में किसी व्यक्ति ने 10 दिनों से शराब का सेवन नहीं किया तो उन्हें चाहिए कि वह आगे भी इसका त्याग कर दें। इस मौके पर उन्होंने पंडाल में उपस्थित लोगों से शराब का सेवन न करने के लिए हाथ उठवाकर वचन लिया। महिलाओं से भी इसकी सहमति ली। इस मौके पर महंत पीर योगी विजय नाथ, पीर पूरन नाथ, पीर राजनाथ उझाणा, पीर हरिनाथ धनौरी, पीर शेरनाथ सौंगल, पीर लहर नाथ रायसन, कर्नाटक से महंत पीर सिंह नाथ, महंत पीर रूपनाथ, महंत जय नाथ, बलबेहड़ा से महंत जोगिंद्र नाथ, करसिंधू से महंत भोला नाथ, महंत खुशी नाथ, महंत जीत नाथ, महंत पीर रात नाथ महंत सुख नाथ व योगी शिवनाथ मौजूद रहे।
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अस्थल बोहर रोहतक से महंत पीर बालक नाथ ने गांव कैलरम में लगे भंडारे की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसा भंडारा पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि कैलरम गांव के लोगों ने महासिद्ध बाबा ठंडूनाथ की परंपरा को साधना से आगे बढ़ाने का काम किया है। इसी का फल है कि 600 वर्ष पूर्व सिद्ध योगी बाबा ठंडू नाथ जी ने इस स्थान पर तप साधना की थी, आज भी ग्रामीणों में उनकी तप साधना के प्रति समर्पण भाव देखने को मिल रहा है। 600 वर्षों से लगातार इस परंपरा को आप सभी ने आगे बढ़ाया है। हमें सिद्ध महापुरुषों के जीवन राह पर चलते हुए कुछ बुराइयों को त्यागने की जरूरत है। कहा कि उन्होंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि गांव में 18 मार्च से लगातार भंडारा चल रहा है और गांव में शराब का उपयोग बंद है। यह सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि जब गांव में किसी व्यक्ति ने 10 दिनों से शराब का सेवन नहीं किया तो उन्हें चाहिए कि वह आगे भी इसका त्याग कर दें। इस मौके पर उन्होंने पंडाल में उपस्थित लोगों से शराब का सेवन न करने के लिए हाथ उठवाकर वचन लिया। महिलाओं से भी इसकी सहमति ली। इस मौके पर महंत पीर योगी विजय नाथ, पीर पूरन नाथ, पीर राजनाथ उझाणा, पीर हरिनाथ धनौरी, पीर शेरनाथ सौंगल, पीर लहर नाथ रायसन, कर्नाटक से महंत पीर सिंह नाथ, महंत पीर रूपनाथ, महंत जय नाथ, बलबेहड़ा से महंत जोगिंद्र नाथ, करसिंधू से महंत भोला नाथ, महंत खुशी नाथ, महंत जीत नाथ, महंत पीर रात नाथ महंत सुख नाथ व योगी शिवनाथ मौजूद रहे।
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