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बाबा बंदा सिंह बहादुर यात्रा कैथल से दिल्ली रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:21 AM IST
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बाबा बंदा सिंह बहादूर
- फोटो : ब्यूरो
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कैथल। मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने गुरुद्वारा नीम साहब से बाबा बंदा सिंह बहादुर की त्रि-शताब्दी शहीदी यात्रा को कैथल से रवाना किया। इस मौके पर सरदार जितेंद्र पाल सिंह सोढ़ी ने सरदार बख्शीश सिंह को सम्मानित किया। इससे पूर्व यात्रा गांव सांघन भी पहुंची। जहां लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
मुख्य संसदीय सचिव सरदार बख्शीश सिंह ने कहा कि वे लोहगढ़ से पिछले तीन दिन से इस त्रि-शताब्दी शहीदी यात्रा के साथ चल रहे हैं। प्रदेश में इस यात्रा के प्रति अटूट आस्था देखने को मिली है।
जगह-जगह संगत द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर से शुरु हुई यह यात्रा शहीदी स्थल महरौली में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का इस शहीदी यात्रा के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे आपसी प्रेेम और भाईचारे का लोगों को संदेश मिलेगा।
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इस यात्रा में सरदार जितेंद्र पाल सोढी, शिव शंकर पाहवा, संत कुमार जुनेजा, वेद प्रकाश मक्कड़, गुरविंद्र सिंह धमीजा, राजेंद्र खट्टर, दर्शन रेवड़ी, मनोज धींगड़ा, दत्तर सिंह, गुरदीप चावला, सुदर्शन गावड़ी, जसपाल सिंह जुनेजा, महेंद्र धींगड़ा, सुधीर धवन, सतविंद्र चावला तथा जगदीश ऐलावादी साथ चल रहे हैं। त्रि-शताब्दी शहीदी यात्रा में एक वाहन में बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300 वर्ष पुराने पोशाक, तेजा व तीर को प्रदर्शित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
यह यात्रा नीम साहब गुरुद्वारा कैथल से शुरु होकर जब अगले गांव गढी, पाड़ला तथा सांघन में पहुंची तो श्रद्धालुओं ने इसका भव्य स्वागत किया।
सरदार बख्शीश सिंह ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन काल से लेकर उनकी शहीदी तक के पूरे इतिहास को लोगों के सामने रखने का उद्देश्य हरियाणा सरकार द्वारा बनाया गया है।
बाबा बंदा सिंह बहादुर के बलिदान व कुर्बानी को याद करते हुए बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर अपने समय के महान सिक्ख योद्धा थे। उनका पूरा जीवन त्याग, बलिदान, शौर्य और धर्म की रक्षा का जीता-जागता उदाहरण है।
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मुख्य संसदीय सचिव सरदार बख्शीश सिंह ने कहा कि वे लोहगढ़ से पिछले तीन दिन से इस त्रि-शताब्दी शहीदी यात्रा के साथ चल रहे हैं। प्रदेश में इस यात्रा के प्रति अटूट आस्था देखने को मिली है।
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जगह-जगह संगत द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर से शुरु हुई यह यात्रा शहीदी स्थल महरौली में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का इस शहीदी यात्रा के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे आपसी प्रेेम और भाईचारे का लोगों को संदेश मिलेगा।
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इस यात्रा में सरदार जितेंद्र पाल सोढी, शिव शंकर पाहवा, संत कुमार जुनेजा, वेद प्रकाश मक्कड़, गुरविंद्र सिंह धमीजा, राजेंद्र खट्टर, दर्शन रेवड़ी, मनोज धींगड़ा, दत्तर सिंह, गुरदीप चावला, सुदर्शन गावड़ी, जसपाल सिंह जुनेजा, महेंद्र धींगड़ा, सुधीर धवन, सतविंद्र चावला तथा जगदीश ऐलावादी साथ चल रहे हैं। त्रि-शताब्दी शहीदी यात्रा में एक वाहन में बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300 वर्ष पुराने पोशाक, तेजा व तीर को प्रदर्शित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
यह यात्रा नीम साहब गुरुद्वारा कैथल से शुरु होकर जब अगले गांव गढी, पाड़ला तथा सांघन में पहुंची तो श्रद्धालुओं ने इसका भव्य स्वागत किया।
सरदार बख्शीश सिंह ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन काल से लेकर उनकी शहीदी तक के पूरे इतिहास को लोगों के सामने रखने का उद्देश्य हरियाणा सरकार द्वारा बनाया गया है।
बाबा बंदा सिंह बहादुर के बलिदान व कुर्बानी को याद करते हुए बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर अपने समय के महान सिक्ख योद्धा थे। उनका पूरा जीवन त्याग, बलिदान, शौर्य और धर्म की रक्षा का जीता-जागता उदाहरण है।