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Kaithal News: बाल श्रम, बाल विवाह व तस्करी पर किया जागरूक
Sun, 03 Aug 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:32 AM IST
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कैथल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कैथल की ओर से शनिवार को वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र के सभागार में बाल श्रम, बाल विवाह एवं बाल तस्करी की रोकथाम विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह आयोजन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष मैहला के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें एमडीडी ऑफ इंडिया (एनजीओ) का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में डीएसपी गुरविंद्र सिंह, एसआई मदन लाल, रेलवे विभाग के एन.के. शर्मा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हरियाणा रोडवेज सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा एमडीडी ऑफ इंडिया के कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार उपस्थित रहे।
संचालन प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य अनाथ, बेसहारा, बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त व मानव तस्करी के शिकार बच्चों को उनके अधिकारों—जैसे शिक्षा, पहचान पत्र, व वित्तीय सहायता—से जोड़ने के प्रयास करना है।
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कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य अरविंद खुरानियां ने बाल विवाह, बाल श्रम और मानव/बाल तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 01746-235759 और निःशुल्क कानूनी सहायता टोल-फ्री नंबर 15100 पर हर प्रकार की सहायता ली जा सकती है। संवाद
कार्यक्रम में डीएसपी गुरविंद्र सिंह, एसआई मदन लाल, रेलवे विभाग के एन.के. शर्मा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हरियाणा रोडवेज सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा एमडीडी ऑफ इंडिया के कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार उपस्थित रहे।
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संचालन प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य अनाथ, बेसहारा, बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त व मानव तस्करी के शिकार बच्चों को उनके अधिकारों—जैसे शिक्षा, पहचान पत्र, व वित्तीय सहायता—से जोड़ने के प्रयास करना है।
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कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य अरविंद खुरानियां ने बाल विवाह, बाल श्रम और मानव/बाल तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 01746-235759 और निःशुल्क कानूनी सहायता टोल-फ्री नंबर 15100 पर हर प्रकार की सहायता ली जा सकती है। संवाद