{"_id":"68c086927e98dd6ed3091137","slug":"attempt-to-take-advantage-of-the-scheme-with-fake-certificate-kaithal-news-c-18-1-knl1004-735359-2025-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: फर्जी प्रमाणपत्र से योजना का लाभ लेने का प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: फर्जी प्रमाणपत्र से योजना का लाभ लेने का प्रयास
Wed, 10 Sep 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। कर्मकार कल्याण बोर्ड कैथल की सहायक कल्याण अधिकारी ऊषा की शिकायत पर पुलिस ने सुल्तानियां निवासी जीता राम के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शिकायत के अनुसार, जीता राम ने अपनी बेटियों सीमा देवी और गीता के नाम से फर्जी विवाह प्रमाण पत्र तैयार करवाए और योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने उसे कार्यालय बुलाकर दस्तावेजों की पड़ताल की।
जांच में पाया गया कि बताई गई तारीख 20 जुलाई 2019 को दोनों की कोई शादी नहीं हुई थी। इस बात को डीसी कार्यालय और 22 अक्तूबर 2024 को एसडीएम कार्यालय से भी पुष्टि मिली कि प्रस्तुत प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी हैं। विभागीय सत्यापन में भी यह साबित हुआ कि जीता राम ने झूठे दस्तावेज बनवाए थे।
विज्ञापन
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुहला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
कैथल। विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। कर्मकार कल्याण बोर्ड कैथल की सहायक कल्याण अधिकारी ऊषा की शिकायत पर पुलिस ने सुल्तानियां निवासी जीता राम के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शिकायत के अनुसार, जीता राम ने अपनी बेटियों सीमा देवी और गीता के नाम से फर्जी विवाह प्रमाण पत्र तैयार करवाए और योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने उसे कार्यालय बुलाकर दस्तावेजों की पड़ताल की।
विज्ञापन
जांच में पाया गया कि बताई गई तारीख 20 जुलाई 2019 को दोनों की कोई शादी नहीं हुई थी। इस बात को डीसी कार्यालय और 22 अक्तूबर 2024 को एसडीएम कार्यालय से भी पुष्टि मिली कि प्रस्तुत प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी हैं। विभागीय सत्यापन में भी यह साबित हुआ कि जीता राम ने झूठे दस्तावेज बनवाए थे।
विज्ञापन
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुहला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।