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‘ब्लैक फंगस पर नियंत्रण के लिए पुख्ता हैं इंतजाम’
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डीसी सुजान सिंह ने कहा ब्लैक फंगस की बीमारी को लेकर नागरिक सतर्क रहें। इस बीमार के लक्षणों को जरा भी नजर अंदाज न करें। यदि इस बीमारी का कोई भी लक्षण महसूस होता है तो बिना किसी देरी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें।
डीसी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से रिकवर हुए व्यक्तियों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति साफ स्वच्छ मास्क पहनें तथा कोरोना हिदायतों की सख्ती से पालना करें। हरियाणा सरकार द्वारा ब्लैक फंगस को एक अधिसूचित बीमारी घोषित किया हुआ है।
इस बीमारी में व्यक्ति के आंख और नाक में दर्द, आंख के चारों ओर लालिमा, नाक का बंद होना, नाक से काला या तरल द्रव्य निकलना, जबड़े की हड्डी में दर्द, चेहरे में एक तरफ सूजन, नाक तालु काले रंग का होना, दांत में दर्द, दातों का ढीला होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर में दर्द होना, त्वचा में चकत्ते आना, छाती में दर्द, बुखार आना, सांस की तकलीफ होना, खून की उल्टी व मानसिक स्थिति में परिवर्तन आदि लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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सीएमओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह कोविड-19 के डायबिटिक या अनियंत्रित डायबिटीज, जो स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर रहे हैं तथा आईसीयू में अधिक समय तक भर्ती रहने से यह बीमारी हो सकती है। धूल भरे स्थानों में मास्क पहनकर, शरीर को पूरे वस्त्रों से ढक कर, बागवानी करते समय हाथों में दस्ताने पहनकर और व्यक्तिगत साफ-सफाई रख कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। लोगों को गंदा और गीला मास्क नहीं पहनना चाहिए यह भी फंगल इंफेक्शन दे सकता है।
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डीसी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से रिकवर हुए व्यक्तियों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति साफ स्वच्छ मास्क पहनें तथा कोरोना हिदायतों की सख्ती से पालना करें। हरियाणा सरकार द्वारा ब्लैक फंगस को एक अधिसूचित बीमारी घोषित किया हुआ है।
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इस बीमारी में व्यक्ति के आंख और नाक में दर्द, आंख के चारों ओर लालिमा, नाक का बंद होना, नाक से काला या तरल द्रव्य निकलना, जबड़े की हड्डी में दर्द, चेहरे में एक तरफ सूजन, नाक तालु काले रंग का होना, दांत में दर्द, दातों का ढीला होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर में दर्द होना, त्वचा में चकत्ते आना, छाती में दर्द, बुखार आना, सांस की तकलीफ होना, खून की उल्टी व मानसिक स्थिति में परिवर्तन आदि लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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सीएमओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह कोविड-19 के डायबिटिक या अनियंत्रित डायबिटीज, जो स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर रहे हैं तथा आईसीयू में अधिक समय तक भर्ती रहने से यह बीमारी हो सकती है। धूल भरे स्थानों में मास्क पहनकर, शरीर को पूरे वस्त्रों से ढक कर, बागवानी करते समय हाथों में दस्ताने पहनकर और व्यक्तिगत साफ-सफाई रख कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। लोगों को गंदा और गीला मास्क नहीं पहनना चाहिए यह भी फंगल इंफेक्शन दे सकता है।