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प्रदर्शन कर आढ़तियों ने बुलंद की आवाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 01:48 AM IST
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Arhtiyas raised their voice by performing
कैथल। ई-नेम पोर्टल प्रणाली के विरोध में सोमवार को जिलेभर के आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। विरोध स्वरूप आढ़तियों ने सुबह के समय श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भारी संख्या में शेड के नीचे एकत्रित हुए आढ़तियों, मुनीम सहित खरीद कार्य से जुड़े लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
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पहले दिन जिलेभर की सात मंडियों के 1500 से अधिक आढ़ती हड़ताल में शामिल हुए। ई-नेम प्रणाली पर विरोध जताते हुए आढ़तियों ने कहा कि यदि इस प्रणाली को लागू कर दिया गया तो उनके रोजगार पर ही संकट आ जाएगा क्योंकि इस प्रणाली से देशभर में सीधी खरीद प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। हड़ताल का राइस मिलरों ने समर्थन किया। हड़ताल के पहले दिन अनाज मंडियों में निजी एजेंसियों की तरफ से धान की खरीद नहीं की गई। इसके साथ ही उठान का कार्य भी नहीं हुआ। जिस कारण यहां पर धान लेकर पहुंचे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, सीजन के समय में काम करने के लिए पहुंचे प्रवासी मजदूरों को भी काम नहीं मिला। धरने की अध्यक्षता जिला मंडी एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने की। इस मौके पर नई अनाज मंडी प्रधान श्याम लाल गर्ग, विस्तार अनाज मंडी प्रधान रघुबीर सिंह, पुरानी अनाज मंडी प्रधान श्याम लाल खुरानियां, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन रामनिवास मित्तल, बीरभान जैने सहित अन्य आढ़ती मौजूद थे।
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आढ़तियों का रोजगार खत्म करने की साजिश
नई अनाज मंडी कैथल के चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि सरकार जो ई-प्रणाली लागू करने जा रही है। वह केवल इस समय आढ़तियों का रोजगार खत्म करना चाहती है। इस प्रणाली में कोई भी व्यापारी महज एक पोर्टल के माध्यम से धान की खरीद कर सकेंगे। इसमें न सफाई का कार्य पूरा हो पाएगा और न ही छंटाई का। जब सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती, वे अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।
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नहीं बिका धान
गांव टीक निवासी किसान सतबीर सिंह ने बताया कि वह सुबह के समय अपना धान लेकर नई अनाज मंडी में पहुंचा था, लेकिन आढ़तियों ने यहां पर हड़ताल की थी। जिस कारण उसका धान नहीं बिका। काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुमराह न करें सरकार
पाड़ला मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारी बजरंग मित्तल पाड़ला ने कहा कि पहले तो किसानों के लिए नया कानून सरकार ने बनाने का फैसला लिया। किसानों के विरोध के चलते यह फैसला वापस लेेना पड़ा। अब आढ़तियों को खत्म करने के लिए सरकार नए हथकंडे अपना रही है। इसको आढ़ती बिल्कुल भी सहन नहीं करेंगे। सरकार अपना निर्णय वापस ले।
किसानों को हुई कठिनाई
गांव सौंगल निवासी किसान राजेश कुमार ने बताया कि वह भी सोमवार को नई अनाज मंडी में धान की ट्राली लेकर पहुंचा था। हड़ताल के कारण धान नहीं बिका है। काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
खाली बैठेेेे रहे
धान के सीजन में काम करने बिहार से पहुंचे प्रवासी मजदूर कमलकांत पासवान ने कहा कि जिले में करीब चार हजार मजदूर हर सीजन में मजदूरी करने के लिए पहुंचते हैं। सोमवार से आढ़तियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है तो वे भी खाली बैठे। बिना मजदूरी के अपना गुजारा कैसे कर पाएंगे।
चीका के आढ़तियों ने बंद रखी मंडी
गुहला-चीका। अनाज मंडियों में शुरू की गई ई-नेम पोर्टल प्रणाली के विरोध में चीका के आढ़तियों ने भी मंडी बंद रखी। इस दौरान आढ़तियों ने प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई अनाज मंडी एसोसिएशन चीका के प्रधान सतपाल जैन व व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार जाखौली कर रहे थे। हड़ताल के कारण मंडी में धान की फसल नहीं बिकी। जो धान हड़ताल से पहले मंडी पहुंच चुका था, उसे भी खरीदने के लिए कोई व्यापारी मंडी में नहीं आया। इसके चलते किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दी। किसान निशान सिंह, कुलदीप सिंह ने कहा कि खेतों में धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। धान बेचने के लिए आढ़तियों को मंडियों में होना जरूरी है। प्रधान सतपाल जैन व व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार जाखौली ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को लाने में व्यापारी वर्ग का अहम योगदान रहा है, लेकिन सरकार ने सबसे पहले व्यापारियों को उजाडऩे की नीतियां बनाई है। इस मौके पर स्वर्ण जीत वोहरा, राम लाल गर्ग, सोहन लाल गर्ग, सुखप्रीत सिंह गिल, गुरविंद्र सिंह, मुकेश कुमार, ईश्वर सीड़ा, राजेश गोयल, धर्मपाल गर्ग, बंत राम गोयल, अनूप, भूषण व मुनीम एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
सरकार की गलत नीतियों के चलते व्यापारी वर्ग हड़ताल पर
सीवन। पक्का आढ़ती एसोसिएशन सीवन के सभी आढ़तियों ने सोमवार को प्रस्तावित हड़ताल में हिस्सा लिया। इस हड़ताल में सीवन अनाज मंडी के सभी आढ़ती उपस्थित थे। प्रधान विनोद बंसल ने कहा कि सरकार आढ़तियों व किसानों को आपस में बांटने काम कर रही है। अमरेंद्र खारा ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते व्यापारी वर्ग हड़ताल पर है। इस मौके पर पूर्व मंडी प्रधान कृष्ण गर्ग काका, भूषण लाल, संगीत बंसल, सतीश बंसल, हेमंत बंसल, अनिल राणा, जितेन्द्र सरदाना, वेद प्रकाश, कृष्ण बंसल, नीरज गंभीर, रामपाल बंसल, विवेक गोयल, हरीश आनंद, कृष्ण शर्मा, गोल्डी राणा, कंवर भान फौजी, जय प्रकाश, राम कर्ण, वीरभान शर्मा, राज कुमार शर्मा व अन्य मौजूद थे।
मार्केट कमेटी कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया
ढांड। हरियाणा प्रदेश अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर मंडी एसोसिएशन ढांड ने मार्केट कमेटी कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया। आढ़तियों ने मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र को सौंपा। धरने का नेतृत्व मंडी एसोसिएशन के प्रधान रमेश कुमार ने की। प्रधान ने कहा कि पहले आढ़तियों को उनकी दामी 2.5 प्रतिशत के हिसाब से मिलती आ रही है। भाजपा सरकार के राज में उसे घटाकर कम कर दिया है, जो सरासर गलत है। काम के बदले मेहनतनामा लेना जायज है। ढांड मंडी में धान के एक भी दाने की खरीद फरोख्त नही हुई और जब तक उनकी मांगें नही मानी जाती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगी। इस मौके पर प्रधान रमेश कुमार, पूर्व प्रधान लाजपत, मा. ईश्वर शर्मा, ईशमा, बलिंद्र शर्मा, भगवान दास, कर्मबीर, ओमप्रकाश व सतीश शर्मा मौजूद थे।

हड़ताल में पाई के आढ़तियों ने हिस्सा
पाई। अनिश्चितकालीन हड़ताल में पाई के आढ़तियों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सभी आढ़तियों ने सोमवार को दुकानें बंद रखी व सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। मंडी प्रधान कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पाई मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह पेशिया को ज्ञापन भी दिया।

04-कैथल। अनाज मंडी में हड़ताल के दौरान सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए आढ़ती।

04-कैथल। अनाज मंडी में हड़ताल के दौरान सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए आढ़ती।- फोटो : Kaithal

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