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Kaithal News: कैथल में स्वाइन फ्लू का एक और नया मरीज मिला
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कैथल शहर में फोगिंग करते हुए कर्मचारी । स्वास्थ्य विभाग
कैथल। जिले में शुक्रवार को स्वाइन फ्लू का नया मामला सामने आया है। मंडी सदरां निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति की पीजीआई चंडीगढ़ में जांच के दौरान स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वे किसी परिचित के साथ पीजीआई चंडीगढ़ गए थे और वहां जांच के दौरान उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीज का पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपचार चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
इस नए मामले के साथ जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के नौ मामले सामने आ चुके हैं। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि मरीज के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने की सूचना पीजीआई चंडीगढ़ से मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर निगरानी शुरू कर दी है। उसके पांच संबंधित लोगों को नियमानुसार दवा दी जा चुकी है। विभाग की ओर से अन्य संपर्कों पर भी नजर रखी जा रही है। स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। विभाग अब तक 20 से अधिक नमूनों की जांच कर चुका है। गंभीर सांस संबंधी संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के नमूने लिए जाते हैं। जांच के लिए नमूने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और पीजीआई चंडीगढ़ भेजे जाते हैं। सामान्य तौर पर जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिल जाती है। वहीं जिले में अब तक डेंगू के चार मामले सामने आ चुके हैं।
स्वाइन फ्लू क्यों होता है और इसके लक्षण क्या हैं
स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और संक्रमित सतह के संपर्क में आने से फैल सकता है।
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मुख्य लक्षण
बुखार और ठंड लगना, खांसी और गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिर और शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी, कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी। सांस लेने में दिक्कत या गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। मरीज के निकट संपर्क में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार निगरानी और दवा दी जाती है।
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इस नए मामले के साथ जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के नौ मामले सामने आ चुके हैं। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि मरीज के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने की सूचना पीजीआई चंडीगढ़ से मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर निगरानी शुरू कर दी है। उसके पांच संबंधित लोगों को नियमानुसार दवा दी जा चुकी है। विभाग की ओर से अन्य संपर्कों पर भी नजर रखी जा रही है। स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। विभाग अब तक 20 से अधिक नमूनों की जांच कर चुका है। गंभीर सांस संबंधी संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के नमूने लिए जाते हैं। जांच के लिए नमूने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और पीजीआई चंडीगढ़ भेजे जाते हैं। सामान्य तौर पर जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिल जाती है। वहीं जिले में अब तक डेंगू के चार मामले सामने आ चुके हैं।
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स्वाइन फ्लू क्यों होता है और इसके लक्षण क्या हैं
स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और संक्रमित सतह के संपर्क में आने से फैल सकता है।
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मुख्य लक्षण
बुखार और ठंड लगना, खांसी और गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिर और शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी, कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी। सांस लेने में दिक्कत या गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। मरीज के निकट संपर्क में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार निगरानी और दवा दी जाती है।