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राजपूत समाज का एलान : लोस चुनाव में भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे
Thu, 19 Oct 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 19 Oct 2023 02:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण विवाद को लेकर राजपूत समाज ने महाकुंभ का आयोजन किया। जिसमें वर्ष 2024 के चुनाव में भाजपा नेताओं के विरोध करने का एलान किया गया। समाज के नेताओं ने कहा कि राजपूत समाज बाहुल्य गांवों में किसी भी भाजपा नेता को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली व अन्य राज्यों से भी समाज के नेता पहुंचे। इस दौरान समाज के लोगों ने कैथल में कुरुक्षेत्र बाइपास पर लगाई सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखने पर रोष जताया।
महाकुंभ की अध्यक्षता करते हुए कर्नल देवेंद्र राणा, विनोद राणा थंबड़ और शेर सिंह राणा ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि 10 दिसंबर को दिल्ली में राजपूत समाज की संसद आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से समाज के लोग पहुंचेंगे। वहीं, फरल व कलायत गांव सहित प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि यदि समय रहते सरकार समाज के लोगों की मांग मान लेती तो उनके इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होती।
महापुरुषों का अपमान नहीं करेंगे सहन : पूर्ण सिंह
उत्तर प्रदेश के भाकियू अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि सरकार की सह पर एक समाज की ओर से राजपूत समाज के इतिहास को चुराया गया है। 19 जुलाई को प्रतिमा अनावरण के दौरान समाज के लोगों पर लाठियां चलाईं। फिर भी समाज ने पलटवार नहीं किया, क्योंकि राजपूत समाज लाठी को हथियार नहीं मानता है। इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह केवल एक सांसद और एक विधायक के कहने पर हुआ। यदि सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया तो इसे कतई सहन नहीं करेंगे। भाजपा को 2024 में वोट की चोट से जवाब देंगे।
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राजपूत समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर अंकित नाम के आगे गुर्जर शब्द लिखने का मामला नया नहीं है। कैथल से पहले उत्तर प्रदेश और अन्य कई जगहों पर ऐसा किया गया है। इसलिए इस समस्या का समाधान जरूरी है।
भाजपा के किसान मोर्चा के पदाधिकारी रहे जयदीप राणा ने कहा कि प्रदेश में 12 प्रतिशत तक राजपूत समाज के लोग हैं, लेकिन जो समाज, राजपूत समाज के महापुरुष पर हक जता रहे है। उनकी संख्या केवल दो प्रतिशत है। हम समाज को तभी आगे ले जा सकेंगे। यदि हम एकजुट होकर अपने समाज के हकों की बात करेंगे।
जदयू विधायक चेतन आनंद ने कहा कि वह पार्टी में रहकर अपने समाज की बात रखेंगे। भाजपा सरकार में लंबे समय से राजपूत समाज के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। यह सहन नहीं किया जाएगा। परिक्षित सोलंकी ने कहा कि एक राजनीतिक शडयंत्र के तहत दो समाज के लोगों को भड़काया गया। महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, क्षत्रिय सेना गुजरात के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत, क्षत्रिय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह सहित समाज के अन्य नेता मौजूद थे।
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कैथल। सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण विवाद को लेकर राजपूत समाज ने महाकुंभ का आयोजन किया। जिसमें वर्ष 2024 के चुनाव में भाजपा नेताओं के विरोध करने का एलान किया गया। समाज के नेताओं ने कहा कि राजपूत समाज बाहुल्य गांवों में किसी भी भाजपा नेता को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली व अन्य राज्यों से भी समाज के नेता पहुंचे। इस दौरान समाज के लोगों ने कैथल में कुरुक्षेत्र बाइपास पर लगाई सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखने पर रोष जताया।
महाकुंभ की अध्यक्षता करते हुए कर्नल देवेंद्र राणा, विनोद राणा थंबड़ और शेर सिंह राणा ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि 10 दिसंबर को दिल्ली में राजपूत समाज की संसद आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से समाज के लोग पहुंचेंगे। वहीं, फरल व कलायत गांव सहित प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि यदि समय रहते सरकार समाज के लोगों की मांग मान लेती तो उनके इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होती।
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महापुरुषों का अपमान नहीं करेंगे सहन : पूर्ण सिंह
उत्तर प्रदेश के भाकियू अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि सरकार की सह पर एक समाज की ओर से राजपूत समाज के इतिहास को चुराया गया है। 19 जुलाई को प्रतिमा अनावरण के दौरान समाज के लोगों पर लाठियां चलाईं। फिर भी समाज ने पलटवार नहीं किया, क्योंकि राजपूत समाज लाठी को हथियार नहीं मानता है। इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह केवल एक सांसद और एक विधायक के कहने पर हुआ। यदि सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया तो इसे कतई सहन नहीं करेंगे। भाजपा को 2024 में वोट की चोट से जवाब देंगे।
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राजपूत समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर अंकित नाम के आगे गुर्जर शब्द लिखने का मामला नया नहीं है। कैथल से पहले उत्तर प्रदेश और अन्य कई जगहों पर ऐसा किया गया है। इसलिए इस समस्या का समाधान जरूरी है।
भाजपा के किसान मोर्चा के पदाधिकारी रहे जयदीप राणा ने कहा कि प्रदेश में 12 प्रतिशत तक राजपूत समाज के लोग हैं, लेकिन जो समाज, राजपूत समाज के महापुरुष पर हक जता रहे है। उनकी संख्या केवल दो प्रतिशत है। हम समाज को तभी आगे ले जा सकेंगे। यदि हम एकजुट होकर अपने समाज के हकों की बात करेंगे।
जदयू विधायक चेतन आनंद ने कहा कि वह पार्टी में रहकर अपने समाज की बात रखेंगे। भाजपा सरकार में लंबे समय से राजपूत समाज के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। यह सहन नहीं किया जाएगा। परिक्षित सोलंकी ने कहा कि एक राजनीतिक शडयंत्र के तहत दो समाज के लोगों को भड़काया गया। महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, क्षत्रिय सेना गुजरात के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत, क्षत्रिय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह सहित समाज के अन्य नेता मौजूद थे।