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Kaithal News: गिरदावरी के लिए सड़कों पर उतरे नाराज किसान

Tue, 04 Apr 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 04 Apr 2023 01:00 AM IST
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Angry farmers took to the streets for Girdawari
कैथल। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जिले के सैंकड़ों की संख्या में किसानों ने सोमवार सुबह 11 बजे लघु सचिवालय के बाहर करनाल रोड पर ट्रैक्टर व ट्रॉली सड़क पर खड़ा कर एक साइड सेे बंद कर दिया। इससे जाम की स्थिति बन गई।
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किसानों की मांग थी कि बारिश से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी कराई जाए, क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए ताकि किसान अपनी खराब फसलों का पंजीकरण कर सकें व खराब हुई फसलों का 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा राशि प्रदान की जाए। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांग सरकार तक पहुंचाने व क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने दोपहर करीब सवा 12 बजे जाम खोला।
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जाम के कारण लगभग सवा घंटा तक वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। अध्यक्षता कर रहे भाकियू टिकैत ग्रुप के किसान नेता सतपाल ढिल्लों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। क्षतिपूर्ति पोर्टल ही नहीं चल रहा है।
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किसानों की मांग है कि खराब हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। इसके बाद किसानों ने एसडीएम संजय कुमार को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर गुरनाम, बनी सिंह, मेवा सिंह, सुरजीत खुराना, सुरेश मलिक, प्रीतम लांबा खेड़ी, सुखपाल, सुरेंद्र, शमशेर, राजाराम, कपिल गढ़ी व बलवंत मौजूद रहे।
कलायत में भी प्रदर्शन

कलायत। ओलावृष्टि व बरसात से खराब हुई फसलों की गिरदावरी को की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने एसडीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर किसान सभा के जिला प्रधान बलराज सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विशेष गिरदावरी की घोषणा करते हैं और अधिकारियों को गिरदावरी न करने के आदेश देते हैं। मांगों को लेकर किसान दूसरी बार एसडीएम कार्यालय में आए हैं, लेकिन तो एसडीएम व न ही तहसीलदार मिलते हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व किसान कानूनगो से मिले थे, उन्होंने कहा था कि पटवारियों को गिरदावरी के लिए गांवों में भेज रहे हैं। पटवारी गांवों में तो गए, लेकिन खेतों में न जाकर वापस ही कार्यालयों में आ गए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी किसान के खेत में आग लगती है तो उसका धुआं चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों को इंटरनेट के जरिये नजर आ जाता है। उसी माध्यम से किसान के उसी खेत में तबाह हुई फसल नजर क्यों नहीं आ रही। गुस्सा दिखाते हुए कहा कि लगता है कि अफसर इस प्रतीक्षा में हैं कि एक सप्ताह तक खेतों में मशीनें घुस जाएंगी, फिर गिरदावरी की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।


पूर्व सरपंच किताब सिंह ने कहा कि किसानों की मांग है कि सरकार खेतों में तत्काल प्रभाव से गिरदावरी कार्य को निपटाए। इस मौके पर बलराज सिंह, सतपाल बालू, कृष्ण शर्मा, पूर्व सरपंच किताब सिंह, मांगे राम बडसीकरी, जोरा सिंह, धूप सिंह, अजय, मलिक सिंह, राजेंद्र, रमेश, सतबीर, धर्मपाल, रणधीर सिंह, राजेश, दीदार सिंह व जय सिंह मौजूद रहे। संवाद
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