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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया धरना, की नारेबाजी
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Anganwadi workers staged a sit-in for the demands, shouting slogans
- फोटो : Kaithal
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कैथल। तालमेल राज्य कमेटी के आह्वान पर आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले बंद करके लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया। इसकी अध्यक्षता यूनियन की उप प्रधान राजबाला जाखौली ने की व मंच का संचालन जिला सचिव नीतू ने किया।
सीटू के कैशियर जयप्रकाश शास्त्री ने भी वर्करों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। वर्कर व हेल्पर को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक 24 हजार न्यूनतम वेतन वर्कर को और 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन हेल्पर को दिया जाए। 2018 के फैसले को लागू किया जाए, बिना पेपर लिए वरिष्ठता के हिसाब से वर्कर को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत किया जाए। बकाया महंगाई भत्ता दिया जाए। प्ले स्कूलों को एनजीओ के हवाले न करके शिक्षा विभाग में आईसीडीएस विभाग द्वारा चलाया जाए। इन सभी मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
तालमेल कमेटी की सदस्य संतरो प्यौदा ने कहा कि अगर जल्द से जल्द उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन चलेगी। इस अवसर पर कविता जाखौली, अंजू मटौर, रीना कलायत, शशि कलायत, कमल फरल, ज्ञानो खरकां, सुखविंदर तारांवाली, जमीला टीक, सुदेश कसान, चंद्रावती कसान आदि मौजूद रहीं।
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सीटू के कैशियर जयप्रकाश शास्त्री ने भी वर्करों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। वर्कर व हेल्पर को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक 24 हजार न्यूनतम वेतन वर्कर को और 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन हेल्पर को दिया जाए। 2018 के फैसले को लागू किया जाए, बिना पेपर लिए वरिष्ठता के हिसाब से वर्कर को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत किया जाए। बकाया महंगाई भत्ता दिया जाए। प्ले स्कूलों को एनजीओ के हवाले न करके शिक्षा विभाग में आईसीडीएस विभाग द्वारा चलाया जाए। इन सभी मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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तालमेल कमेटी की सदस्य संतरो प्यौदा ने कहा कि अगर जल्द से जल्द उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन चलेगी। इस अवसर पर कविता जाखौली, अंजू मटौर, रीना कलायत, शशि कलायत, कमल फरल, ज्ञानो खरकां, सुखविंदर तारांवाली, जमीला टीक, सुदेश कसान, चंद्रावती कसान आदि मौजूद रहीं।
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