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Kaithal News: ट्रक पर बाइक और कार का नंबर लगाकर गेटपास काटे जाने का आरोप
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कैथल की नई मंडी में धान की सफाई में जुटे मजदूर। संवाद
गुहला चीका/कैथल। चीका की अनाज मंडी में कुछ राइस मिलरों पर खरीद एजेंसियों के साथ मिलीभगत कर वाहनों के डुप्लीकेट नंबरों के सहारे धान उठान का रिकॉर्ड तैयार करने का आरोप है। दावा किया जा रहा है कि एक ही ट्रक पर कभी बाइक, कभी कार तो कभी ट्रैक्टर का नंबर दर्शाकर दिन में दो से तीन बार तक गेट पास कटवाए जा रहे हैं।
कागजों में धान मंडी से उठाकर राइस मिलों तक पहुंचा हुआ दिखाया जा रहा है जबकि संबंधित वाहन के मंडी में आने पर ही सवाल उठ रहे हैं। इससे मंडी में वाहनों की आवाजाही, तौल और गेट पास जारी करने की व्यवस्था पर किसानों की ओर से सवाल किए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी, युवा महासचिव लखविंदर सिंह किंद्र, ब्लॉक उपाध्यक्ष गुरबचन सिंह हरिगढ़ किंगन और गुरजंट टटियाना ने आरोप लगाए कि मंडी में कुछ वाहन नंबर प्लेट बदलकर धान उठान का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। एक ही ट्रक पर अलग-अलग वाहनों के नंबर दर्शाकर कई बार गेट पास कटवाए जा रहे हैं। इससे रिकॉर्ड में अलग-अलग वाहनों से धान उठान दिखाए जाने की आशंका है। किसान संगठनों ने यह भी संदेह जताया कि नंबर प्लेटों में बदलाव सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचने के लिए किया जा सकता है।
मजदूरों ने भी जताया संदेह
किसान संगठनों का दावा है कि मंडी में काम करने वाले कुछ मजदूरों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेटों पर कागज चिपकाकर नंबर बदलने जैसी गतिविधियां देखी हैं। उनका दावा है कि मंडी में एक ही नंबर की कई गाड़ियां भी दिखाई दी हैं। वहीं नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक आढ़ती ने भी आरोप लगाया कि कुछ गाड़ियोंं के गेट पास बिना तौल के ही जारी हो रहे हैं। इन दावों ने मंडी में वाहनों की वास्तविक आवाजाही, तौल व्यवस्था और गेट पास रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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उठान के रिकॉर्ड की जांच जरूरी
मंडी के भीतर जगह की कमी और बाहर सड़कों पर पड़े धान के ढेरों के बीच उठान के लिए सामने आए आरोपों ने व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। किसानों और आढ़तियों की मांग है कि मंडी के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वाहनों की वास्तविक आवाजाही का पता लगाया जाए। साथ ही गेट पास रजिस्टर, वाहन नंबर, तौल पर्चियों और राइस मिलों में पहुंचाए गए धान के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाए। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि कागजों में जितना धान उठाया गया दिखाया गया है, वास्तव में उतना उठान हुआ भी है या नहीं।
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मामला संज्ञान में लेकर जांच करवाएंगे : विजय
मार्केट कमेटी चीका के सचिव विजय कुमार ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है। ट्रकों पर डुप्लीकेट नंबर लगाकर धान उठाने का मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान में लेकर इसकी जांच करवाई जाएगी। एएफएसओ चीका राहुल जाखड़ ने कहा कि अनाज मंडी में ट्रकों पर डुप्लीकेट नंबर लगाने का मामला उनके सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से मंडी में पूरी चौकसी बरती जा रही है।
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जांच के बाद कार्रवाई तय : एसडीएम
एसडीएम मनीष यादव ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच करवाई जाएगी। आरोपों में जरा भी सच्चाई पाई गई तो संबंधित मिलर और अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कागजों में धान मंडी से उठाकर राइस मिलों तक पहुंचा हुआ दिखाया जा रहा है जबकि संबंधित वाहन के मंडी में आने पर ही सवाल उठ रहे हैं। इससे मंडी में वाहनों की आवाजाही, तौल और गेट पास जारी करने की व्यवस्था पर किसानों की ओर से सवाल किए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी, युवा महासचिव लखविंदर सिंह किंद्र, ब्लॉक उपाध्यक्ष गुरबचन सिंह हरिगढ़ किंगन और गुरजंट टटियाना ने आरोप लगाए कि मंडी में कुछ वाहन नंबर प्लेट बदलकर धान उठान का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। एक ही ट्रक पर अलग-अलग वाहनों के नंबर दर्शाकर कई बार गेट पास कटवाए जा रहे हैं। इससे रिकॉर्ड में अलग-अलग वाहनों से धान उठान दिखाए जाने की आशंका है। किसान संगठनों ने यह भी संदेह जताया कि नंबर प्लेटों में बदलाव सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचने के लिए किया जा सकता है।
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मजदूरों ने भी जताया संदेह
किसान संगठनों का दावा है कि मंडी में काम करने वाले कुछ मजदूरों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेटों पर कागज चिपकाकर नंबर बदलने जैसी गतिविधियां देखी हैं। उनका दावा है कि मंडी में एक ही नंबर की कई गाड़ियां भी दिखाई दी हैं। वहीं नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक आढ़ती ने भी आरोप लगाया कि कुछ गाड़ियोंं के गेट पास बिना तौल के ही जारी हो रहे हैं। इन दावों ने मंडी में वाहनों की वास्तविक आवाजाही, तौल व्यवस्था और गेट पास रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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उठान के रिकॉर्ड की जांच जरूरी
मंडी के भीतर जगह की कमी और बाहर सड़कों पर पड़े धान के ढेरों के बीच उठान के लिए सामने आए आरोपों ने व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। किसानों और आढ़तियों की मांग है कि मंडी के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वाहनों की वास्तविक आवाजाही का पता लगाया जाए। साथ ही गेट पास रजिस्टर, वाहन नंबर, तौल पर्चियों और राइस मिलों में पहुंचाए गए धान के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाए। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि कागजों में जितना धान उठाया गया दिखाया गया है, वास्तव में उतना उठान हुआ भी है या नहीं।
मामला संज्ञान में लेकर जांच करवाएंगे : विजय
मार्केट कमेटी चीका के सचिव विजय कुमार ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है। ट्रकों पर डुप्लीकेट नंबर लगाकर धान उठाने का मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान में लेकर इसकी जांच करवाई जाएगी। एएफएसओ चीका राहुल जाखड़ ने कहा कि अनाज मंडी में ट्रकों पर डुप्लीकेट नंबर लगाने का मामला उनके सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से मंडी में पूरी चौकसी बरती जा रही है।
जांच के बाद कार्रवाई तय : एसडीएम
एसडीएम मनीष यादव ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच करवाई जाएगी। आरोपों में जरा भी सच्चाई पाई गई तो संबंधित मिलर और अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।