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Kaithal News: जिला परिषद में नौ पदों पर भर्ती में फर्जीवाड़े का आरोप
Fri, 02 Jun 2023 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 02 Jun 2023 12:50 AM IST
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कैथल। जिला परिषद में नौ पदों पर पिछले साल हुई भर्तियों में भारी फर्जीवाड़े की शिकायत मुख्यमंत्री, विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री, मुख्य सचिव हरियाणा सरकार, प्रधान सचिव विकास एवं पंचायत विभाग, महानिदेशक ग्रामीण विकास हरियाणा, डीसी कैथल व अतिरिक्त उपायुक्त कैथल को किए जाने की जानकारी मिली है।
जिला परिषद अध्यक्ष ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। अब देखना होगा कि विभाग शिकायत पर क्या संज्ञान लेगा? क्या वाकई ये भर्तियां फर्जी तरीके से हुई हैं या आरोप निराधार हैं?
शिकायत में एक व्यक्ति ने कहा कि वर्ष 2020 में एक सेवा प्रदाता फर्म को भर्ती की जिम्मेदरी दी थी। बाद में इस फर्म को कैथल के लिए दिया गया टेंडर रद्द कर दिया था। फिर बाद में विशेष पत्र जारी करते हुए कैथल सहित चार जिलों में विशेष छूट देते हुए भर्ती की अनुमति दी गई। इसके बाद तत्कालीन सीईओ ने टेंडर में खामियां बता उसे रद्द कर दिया था। इसके बाद उम्मीदवार उच्च न्यायालय में चले गए।
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जहां से फैसला सरकार के हित में आया। इसी बीच वर्ष 2021 में वर्णित नौ पदों पर नियुक्ति कर दी। इनमें जिन व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, उनमें एक सेवा प्रदाता फर्म के अधिकारी की रिश्तेदार बहन, एक जींद के कर्मचारी की पत्नी, एक तत्कालीन अधिकारी का भानजा व एक किसी अन्य कर्मचारी की पत्नी के भतीजे की पत्नी है।
शेष चार में एक कर्मचारी जिला परिषद में ही कार्यरत एक कर्मचारी का सगा भाई है। इतना ही नहीं शिकायत में यह भी कहा है कि कर्मचारियों की नियुक्ति एक परीक्षा के बाद होनी थी। इन कर्मचारियों ने ऐसी कोई परीक्षा भी पास नहीं की है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता भी पूरी नहीं है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिस फर्म का टेंडर एक साल के लिए था। वह भी खामियों के कारण रद्द कर दिया। इस फर्म को दोबारा टेंडर कब रिन्यू किया।
इसकी भी जांच की जाए। कुछ कर्मचारियों द्वारा न्यायालय में किए केस का फैसला सरकार के हक में आने के बावजूद उन्हीं कर्मचारियों को नियुक्त क्यों किया गया? इसके अलावा आरक्षण के नियमों का पालन किया गया है या नहीं? इन आरोपों पर शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत पर जिला परिषद के अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने कहा कि उन्हें कार्यालय में एक ऐसी शिकायत मिलने की जानकारी मिली है। मामले में सक्षम अधिकारी से जांच करवाने के बाद ही पता चल सकेगा कि सच्चाई क्या है? डीसी जगदीश शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला नहीं है। यदि कोई शिकायत आई है तो पता किया जाएगा।
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जिला परिषद अध्यक्ष ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। अब देखना होगा कि विभाग शिकायत पर क्या संज्ञान लेगा? क्या वाकई ये भर्तियां फर्जी तरीके से हुई हैं या आरोप निराधार हैं?
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शिकायत में एक व्यक्ति ने कहा कि वर्ष 2020 में एक सेवा प्रदाता फर्म को भर्ती की जिम्मेदरी दी थी। बाद में इस फर्म को कैथल के लिए दिया गया टेंडर रद्द कर दिया था। फिर बाद में विशेष पत्र जारी करते हुए कैथल सहित चार जिलों में विशेष छूट देते हुए भर्ती की अनुमति दी गई। इसके बाद तत्कालीन सीईओ ने टेंडर में खामियां बता उसे रद्द कर दिया था। इसके बाद उम्मीदवार उच्च न्यायालय में चले गए।
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जहां से फैसला सरकार के हित में आया। इसी बीच वर्ष 2021 में वर्णित नौ पदों पर नियुक्ति कर दी। इनमें जिन व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, उनमें एक सेवा प्रदाता फर्म के अधिकारी की रिश्तेदार बहन, एक जींद के कर्मचारी की पत्नी, एक तत्कालीन अधिकारी का भानजा व एक किसी अन्य कर्मचारी की पत्नी के भतीजे की पत्नी है।
शेष चार में एक कर्मचारी जिला परिषद में ही कार्यरत एक कर्मचारी का सगा भाई है। इतना ही नहीं शिकायत में यह भी कहा है कि कर्मचारियों की नियुक्ति एक परीक्षा के बाद होनी थी। इन कर्मचारियों ने ऐसी कोई परीक्षा भी पास नहीं की है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता भी पूरी नहीं है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिस फर्म का टेंडर एक साल के लिए था। वह भी खामियों के कारण रद्द कर दिया। इस फर्म को दोबारा टेंडर कब रिन्यू किया।
इसकी भी जांच की जाए। कुछ कर्मचारियों द्वारा न्यायालय में किए केस का फैसला सरकार के हक में आने के बावजूद उन्हीं कर्मचारियों को नियुक्त क्यों किया गया? इसके अलावा आरक्षण के नियमों का पालन किया गया है या नहीं? इन आरोपों पर शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत पर जिला परिषद के अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने कहा कि उन्हें कार्यालय में एक ऐसी शिकायत मिलने की जानकारी मिली है। मामले में सक्षम अधिकारी से जांच करवाने के बाद ही पता चल सकेगा कि सच्चाई क्या है? डीसी जगदीश शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला नहीं है। यदि कोई शिकायत आई है तो पता किया जाएगा।