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Kaithal News: ऑलराउंडर शेफाली ने लहराया परचम
Thu, 07 May 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 07 May 2026 12:44 AM IST
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शेफाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा की बेटी शेफाली ने खेल जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले का नाम रोशन किया है। लगातार मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
शेफाली ने खो-खो, बास्केटबॉल और कराटे जैसे विभिन्न खेलों में सीनियर नेशनल स्तर तक भाग लेकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। इसके अलावा उन्होंने खेल महाकुंभ में भी हिस्सा लेकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि वह एक ऑलराउंड खिलाड़ी हैं और हर खेल में अपनी पहचान बनाने का जज्बा रखती हैं।
शैक्षणिक और खेल दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाते हुए शेफाली ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक हासिल कर टीम को गौरवान्वित किया, वहीं नेटबॉल में रजत पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।
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इसके अलावा शेफाली ने स्टेट जूनियर कराटे में स्वर्ण पदक और स्टेट जूनियर वूशू प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया है।
शेफाली का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने महज 14 वर्ष की उम्र से खेलों में सक्रिय भागीदारी शुरू की और आज 32 वर्ष की आयु में भी निरंतर अपने प्रदर्शन को बेहतर बना रही हैं।
उनकी प्रारंभिक ट्रेनिंग हिंदू गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नीलम काजल के मार्गदर्शन में शुरू हुई। इसके बाद आरकेएसडी कॉलेज में उन्होंने अपनी प्रतिभा को और निखारा, जहां विभागाध्यक्ष गुरदीप भोला ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शेफाली के पिता का नाम रविंदर गोयल है। परिवार में उनके बड़े भाई और बहन हैं, जिन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया।
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कैथल। हरियाणा की बेटी शेफाली ने खेल जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले का नाम रोशन किया है। लगातार मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
शेफाली ने खो-खो, बास्केटबॉल और कराटे जैसे विभिन्न खेलों में सीनियर नेशनल स्तर तक भाग लेकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। इसके अलावा उन्होंने खेल महाकुंभ में भी हिस्सा लेकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि वह एक ऑलराउंड खिलाड़ी हैं और हर खेल में अपनी पहचान बनाने का जज्बा रखती हैं।
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शैक्षणिक और खेल दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाते हुए शेफाली ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक हासिल कर टीम को गौरवान्वित किया, वहीं नेटबॉल में रजत पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।
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इसके अलावा शेफाली ने स्टेट जूनियर कराटे में स्वर्ण पदक और स्टेट जूनियर वूशू प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया है।
शेफाली का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने महज 14 वर्ष की उम्र से खेलों में सक्रिय भागीदारी शुरू की और आज 32 वर्ष की आयु में भी निरंतर अपने प्रदर्शन को बेहतर बना रही हैं।
उनकी प्रारंभिक ट्रेनिंग हिंदू गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नीलम काजल के मार्गदर्शन में शुरू हुई। इसके बाद आरकेएसडी कॉलेज में उन्होंने अपनी प्रतिभा को और निखारा, जहां विभागाध्यक्ष गुरदीप भोला ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शेफाली के पिता का नाम रविंदर गोयल है। परिवार में उनके बड़े भाई और बहन हैं, जिन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया।