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Kaithal News: कृषि वैज्ञानिकों ने किया धान का अवलोकन
Sun, 21 Jul 2024 03:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के तहत कृषि विज्ञान केंद्र कैथल की टीम ने शनिवार को सीवन में फार्म का भ्रमण किया। इसके साथ ही टीम ने गांव खरौदी, जसवंती, पीडल, कांगथली आदि गांवों में जा कर भी धान की फसल कर निरीक्षण किया।
इन गांवों में धान की सीधी बिजाई के खेतों में धान की फसल की स्थिति का जायजा लिया। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए डा. जसबीर सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कैथल की ओर से कई गांवों में धान की सीधी बिजाई के फार्म लगवाए गए हैं। इनका समय पर भ्रमण किया जाता है और किसानों को कई सलाह दी जाती है। इसी कड़ी में सीवन व अन्य गांवों में पहुंच कर किसानों से बात की गई है। उन्होंने बताया कि सभी फार्मों पर फसल सही थी। कई गांवों में स्थित फार्मों में जिंक पोषण तत्व की कमी पाई गई इसके लिए किसानों को सलाह दी गई कि जहां पर भी जिंक की कमी के लक्षण लगें वहां पर 500 ग्राम 21 प्रतिशत जिंक सल्फेट तथा 2.5 किलो यूरिया का 100 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।
बारिश न होने के कारण फसल में फुटाव कम होने पर भी उपरोक्त पोषक तत्वों का छिडक़ाव करें। अभी तक कहीं पर भी फसलों में कोई कीट व बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। यदि कहीं पर भी कोई बीमारी आदि के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो किसान भाई कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। बिना किसी भी सलाह के अंधाधुंध दवाओं का छिडक़ाव न करें। इस अवसर पर उनके साथ डा. अमित कुमार व डा. नेहा शर्मा भी मौजूद रहे।
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सीवन। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के तहत कृषि विज्ञान केंद्र कैथल की टीम ने शनिवार को सीवन में फार्म का भ्रमण किया। इसके साथ ही टीम ने गांव खरौदी, जसवंती, पीडल, कांगथली आदि गांवों में जा कर भी धान की फसल कर निरीक्षण किया।
इन गांवों में धान की सीधी बिजाई के खेतों में धान की फसल की स्थिति का जायजा लिया। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए डा. जसबीर सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कैथल की ओर से कई गांवों में धान की सीधी बिजाई के फार्म लगवाए गए हैं। इनका समय पर भ्रमण किया जाता है और किसानों को कई सलाह दी जाती है। इसी कड़ी में सीवन व अन्य गांवों में पहुंच कर किसानों से बात की गई है। उन्होंने बताया कि सभी फार्मों पर फसल सही थी। कई गांवों में स्थित फार्मों में जिंक पोषण तत्व की कमी पाई गई इसके लिए किसानों को सलाह दी गई कि जहां पर भी जिंक की कमी के लक्षण लगें वहां पर 500 ग्राम 21 प्रतिशत जिंक सल्फेट तथा 2.5 किलो यूरिया का 100 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।
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बारिश न होने के कारण फसल में फुटाव कम होने पर भी उपरोक्त पोषक तत्वों का छिडक़ाव करें। अभी तक कहीं पर भी फसलों में कोई कीट व बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। यदि कहीं पर भी कोई बीमारी आदि के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो किसान भाई कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। बिना किसी भी सलाह के अंधाधुंध दवाओं का छिडक़ाव न करें। इस अवसर पर उनके साथ डा. अमित कुमार व डा. नेहा शर्मा भी मौजूद रहे।
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