{"_id":"68b9ef2c516aa859f7006bbe","slug":"administration-said-people-should-not-panic-situation-is-under-control-kaithal-news-c-18-1-knl1004-731571-2025-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: प्रशासन बोला ः आमजन घबराएं नहीं, स्थिति कंट्रोल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: प्रशासन बोला ः आमजन घबराएं नहीं, स्थिति कंट्रोल में
Fri, 05 Sep 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
44 कैथल। घग्गर नदी पर बसे गांवों में दौरा करते एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह। प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि घग्गर का जलस्तर 23 फीट से ज्यादा ऊपर नहीं है। इसमें 48,534 क्यूसिक पानी बह रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। जल स्तर बढ़ने के बावजूद पानी गांव की आबादी तक नहीं पहुंचा है, जिससे किसी भी गांव के प्रभावित होने की जानकारी नहीं है। कुछ गांवों के खेतों में पानी पहुंचा है। पपराला गांव में स्थित तीन डेरों को एहतियातन गांव में शिफ्ट कर दिया गया है।
एसडीएम वीरवार को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रत्ताखेड़ा कड़ाम, सुगलपुर, बुढ़नपुर, सिहाली, पपराला, कसौली, बौपुर, कमहेड़ी, अरनौली, डंडौता आदि गांवों का निरीक्षण कर स्थिति का मुआयना किया। कमहेड़ी व बौपुर के बीच मीरापुर ड्रेन में जलखुंभी की समस्या मिलने पर अधिकारियों को तुरंत सफाई के निर्देश दिए ताकि पानी की निकासी बाधित न हो। उन्होंने मौके पर किसानों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
एसडीएम ने बताया कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सरपंचों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। ग्राम सचिव, पटवारी और अन्य कर्मचारी गांवों में अपनी ड्यूटी पूरी तत्परता से निभा रहे हैं और जानकारी प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। सिंचाई विभाग की टीमें निरंतर घग्गर क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रही हैं। ग्रामीणों की किसी भी मांग पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सिंचाई विभाग की मशीनें मौके पर तैनात हैं, और तटबंध कमजोर होने की सूचना मिलते ही उन्हें मजबूत करने का कार्य तुरंत किया जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरत पड़ने पर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। मोहनपुर गांव में पानी का टैंकर भी पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में ओपीडी, ओटी टेस्ट, क्लोजर पंप क्लोरीन मात्रा जांच, घर-घर ओआरएस पैकेट वितरण तथा फीवर सर्वे की व्यवस्था की है। गुहला क्षेत्र में 24 घंटे के लिए एंबुलेंस सेवा तैनात है, जिसका लाभ 112 नंबर डायल करके लिया जा
विज्ञापन
सकता है।
एसडीएम ने बताया कि जिला व उपमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। आमजन किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 01746-234528 और 01743-221555 पर संपर्क कर सकते हैं।
डीसी प्रीति ने कहा कि घबराएं नहीं, प्रशासन हर समय आपके साथ खड़ा है
डीसी प्रीति ने कहा कि जिला प्रशासन घग्गर के जलस्तर पर निरंतर नजर रखे हुए है। ग्राम स्तर पर गठित टीमें गांवों में मौजूद रहकर ग्रामीणों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। रात के समय गांवों में ठीकरी पहरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा मुख्य प्वाइंटों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। किसी भी मुश्किल हालात से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। आमजन से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा दी जा रही जानकारी पर विश्वास करें।
विज्ञापन
गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि घग्गर का जलस्तर 23 फीट से ज्यादा ऊपर नहीं है। इसमें 48,534 क्यूसिक पानी बह रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। जल स्तर बढ़ने के बावजूद पानी गांव की आबादी तक नहीं पहुंचा है, जिससे किसी भी गांव के प्रभावित होने की जानकारी नहीं है। कुछ गांवों के खेतों में पानी पहुंचा है। पपराला गांव में स्थित तीन डेरों को एहतियातन गांव में शिफ्ट कर दिया गया है।
एसडीएम वीरवार को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रत्ताखेड़ा कड़ाम, सुगलपुर, बुढ़नपुर, सिहाली, पपराला, कसौली, बौपुर, कमहेड़ी, अरनौली, डंडौता आदि गांवों का निरीक्षण कर स्थिति का मुआयना किया। कमहेड़ी व बौपुर के बीच मीरापुर ड्रेन में जलखुंभी की समस्या मिलने पर अधिकारियों को तुरंत सफाई के निर्देश दिए ताकि पानी की निकासी बाधित न हो। उन्होंने मौके पर किसानों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सरपंचों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। ग्राम सचिव, पटवारी और अन्य कर्मचारी गांवों में अपनी ड्यूटी पूरी तत्परता से निभा रहे हैं और जानकारी प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। सिंचाई विभाग की टीमें निरंतर घग्गर क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रही हैं। ग्रामीणों की किसी भी मांग पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सिंचाई विभाग की मशीनें मौके पर तैनात हैं, और तटबंध कमजोर होने की सूचना मिलते ही उन्हें मजबूत करने का कार्य तुरंत किया जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरत पड़ने पर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। मोहनपुर गांव में पानी का टैंकर भी पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में ओपीडी, ओटी टेस्ट, क्लोजर पंप क्लोरीन मात्रा जांच, घर-घर ओआरएस पैकेट वितरण तथा फीवर सर्वे की व्यवस्था की है। गुहला क्षेत्र में 24 घंटे के लिए एंबुलेंस सेवा तैनात है, जिसका लाभ 112 नंबर डायल करके लिया जा
विज्ञापन
सकता है।
एसडीएम ने बताया कि जिला व उपमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। आमजन किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 01746-234528 और 01743-221555 पर संपर्क कर सकते हैं।
डीसी प्रीति ने कहा कि घबराएं नहीं, प्रशासन हर समय आपके साथ खड़ा है
डीसी प्रीति ने कहा कि जिला प्रशासन घग्गर के जलस्तर पर निरंतर नजर रखे हुए है। ग्राम स्तर पर गठित टीमें गांवों में मौजूद रहकर ग्रामीणों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। रात के समय गांवों में ठीकरी पहरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा मुख्य प्वाइंटों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। किसी भी मुश्किल हालात से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। आमजन से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा दी जा रही जानकारी पर विश्वास करें।