{"_id":"6a56d5539b468202750e0cff","slug":"accused-of-forging-documents-apprehended-kaithal-news-c-245-1-kht1012-152263-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोपी काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोपी काबू
Wed, 15 Jul 2026 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Jul 2026 06:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। पुलिस ने प्लॉट पर अवैध कब्जा करने और 27 साल पुरानी रजिस्ट्री में हेराफेरी कर नकली दस्तावेज तैयार करने के मामले में राजौंद निवासी राम भगत को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी पर वर्ष 1990 की रजिस्ट्री में कटिंग और ओवरराइटिंग कर मूल खरीदार का नाम व भूमि विवरण बदलने का आरोप है। वर्ष 2017 में इंतकाल, 2018 में फुल पेमेंट का ब्याना सहित अन्य दस्तावेज तैयार कर प्लॉट पर स्वामित्व जताने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और अन्य लोगों की संलिप्तता के संबंध में पूछताछ करेगी।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि गांव तारागढ़ हाल चंडीगढ़ निवासी नीलम चौधरी की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने गांव तारागढ़ निवासी सुनील कुमार से प्लॉट नंबर-110, रकबा 154 वर्ग गज खरीदा था और उसके पास पूर्ण भुगतान की लिखित रसीद मौजूद है।
विज्ञापन
प्लॉट पर कब्जे को लेकर वर्ष 2017 में एसडीएम कैथल की अदालत में मामला चला था, जहां धारा-145 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए कब्जा सुनील कुमार के पक्ष में माना गया था। बाद में राम भगत ने इस आदेश के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की, जो अभी विचाराधीन है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर वर्ष 1990 की रजिस्ट्री नंबर 683/1 में मूल खरीदार बलबीर पुत्र जूना निवासी गांव थुआ का नाम हटाकर राम भगत का नाम और भूमि नंबर-135 की जगह प्लॉट नंबर-110 दर्ज कर दिया गया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस मामले में दस्तावेजों की जांच और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। संवाद
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार आरोपी पर वर्ष 1990 की रजिस्ट्री में कटिंग और ओवरराइटिंग कर मूल खरीदार का नाम व भूमि विवरण बदलने का आरोप है। वर्ष 2017 में इंतकाल, 2018 में फुल पेमेंट का ब्याना सहित अन्य दस्तावेज तैयार कर प्लॉट पर स्वामित्व जताने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और अन्य लोगों की संलिप्तता के संबंध में पूछताछ करेगी।
विज्ञापन
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि गांव तारागढ़ हाल चंडीगढ़ निवासी नीलम चौधरी की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने गांव तारागढ़ निवासी सुनील कुमार से प्लॉट नंबर-110, रकबा 154 वर्ग गज खरीदा था और उसके पास पूर्ण भुगतान की लिखित रसीद मौजूद है।
विज्ञापन
प्लॉट पर कब्जे को लेकर वर्ष 2017 में एसडीएम कैथल की अदालत में मामला चला था, जहां धारा-145 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए कब्जा सुनील कुमार के पक्ष में माना गया था। बाद में राम भगत ने इस आदेश के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की, जो अभी विचाराधीन है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर वर्ष 1990 की रजिस्ट्री नंबर 683/1 में मूल खरीदार बलबीर पुत्र जूना निवासी गांव थुआ का नाम हटाकर राम भगत का नाम और भूमि नंबर-135 की जगह प्लॉट नंबर-110 दर्ज कर दिया गया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस मामले में दस्तावेजों की जांच और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। संवाद