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Kaithal News: विदेश भेजने के नाम पर 15.59 लाख की ठगी का आरोपी काबू
Fri, 17 Apr 2026 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 17 Apr 2026 03:08 AM IST
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कैथल। पुलिस ने मलेशिया भेजने के नाम पर 15. 59 लाख की ठगी के आरोपी डेरा बलराम पट्टी कोथ मानस रोड कैथल निवासी अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ के लिए न्यायालय से दो दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया की मानस रोड कैथल निवासी रामलाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अमरजीत उर्फ गैरी ने उसके दोनों बेटों को वर्क परमिट पर मलेशिया भेजने का झांसा दिया था। इसके लिए उसने उसके लिए 16 लाख रुपये मांगे। इसके बाद आरोपी ने 6 जून 2022 को उसके बेटे वरुण और 23 अक्टूबर 2022 को दूसरा बेटा अरुण को गैर कानूनी तरीके से मलेशिया भेज दिया। मलेशिया में बेटों को न तो वर्क परमिट दिलवाया और न ही किसी काम पर लगवाया। बिना वीजा रहने की वजह से मलेशिया की पुलिस ने दोनों बेटों को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया। मलेशिया में रहने वाले एक पाकिस्तानी युवक ने दोनों बेटों को जेल से रिहा करवाया। इसके बाद भी उन्हें वर्क परमिट नहीं दिलवाया गया।
उसने पंचायतों के माध्यम से आरोपी पर दबाव डाला कि बेटों को वापस बुलाए, लेकिन एजेंट ने असमर्थता जताई। आरोपी ने कहा कि अरुण को मलेशिया से ही जर्मन भेज देगा।रूस सरकार ने 10 महीने बाद अरुण को भारत डिपोर्ट कर दिया और वरुण कुमार अब भी मलेशिया में फंसा हुआ है। संवाद
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पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया की मानस रोड कैथल निवासी रामलाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अमरजीत उर्फ गैरी ने उसके दोनों बेटों को वर्क परमिट पर मलेशिया भेजने का झांसा दिया था। इसके लिए उसने उसके लिए 16 लाख रुपये मांगे। इसके बाद आरोपी ने 6 जून 2022 को उसके बेटे वरुण और 23 अक्टूबर 2022 को दूसरा बेटा अरुण को गैर कानूनी तरीके से मलेशिया भेज दिया। मलेशिया में बेटों को न तो वर्क परमिट दिलवाया और न ही किसी काम पर लगवाया। बिना वीजा रहने की वजह से मलेशिया की पुलिस ने दोनों बेटों को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया। मलेशिया में रहने वाले एक पाकिस्तानी युवक ने दोनों बेटों को जेल से रिहा करवाया। इसके बाद भी उन्हें वर्क परमिट नहीं दिलवाया गया।
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उसने पंचायतों के माध्यम से आरोपी पर दबाव डाला कि बेटों को वापस बुलाए, लेकिन एजेंट ने असमर्थता जताई। आरोपी ने कहा कि अरुण को मलेशिया से ही जर्मन भेज देगा।रूस सरकार ने 10 महीने बाद अरुण को भारत डिपोर्ट कर दिया और वरुण कुमार अब भी मलेशिया में फंसा हुआ है। संवाद
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