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Kaithal News: फरल गांव में अब मिली नौवीं, 10वीं शताब्दी की प्रतिमाएं
Wed, 02 Aug 2023 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 02 Aug 2023 01:22 AM IST
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पूंडरी। फरल गांव पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है। इसका कारण यहां पर बीते दिनों कुषाण काल में बना स्तूप व कुषाण शासकों के 1700 साल पुराने तांबे के सिक्कों की खोज रहा। अब यहां नौवीं और 10वीं शताब्दी की पत्थर की प्रतिमाएं मिली है। इससे अनुमान है कि यहां मंदिर हो सकता है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के छात्र जसबीर सिंह, विनोद कुमार और शालू इसके आलावा अन्य सहयोगी, जिनमें संजय दत्त, देवेंद्र कुमार, रवि कुमार अपने नियमित अन्वेषण कार्य कर रहे थे। इस दौरान छात्रों को टीला नंबर फरल-2 से प्राचीन शिव मंदिर की तरफ से नौवीं व 10वीं शताब्दी की पत्थर की प्रतिमाएं मिली हैं।
देखने पर किसी देवी या द्वारपाल की लगती हैं। यह किसी मंदिर का भाग हो सकती हैं। इसके अलावा यहां से पहले भी नौवीं शताब्दी की विद्याधर की प्रतिमा मिल चुकी है। विभाग के छात्रों का यह मानना है कि ये प्रतिमाएं किसी मंदिर के द्वार का हिस्सा रही होंगी व मंदिर जमीन के अंदर ही कहीं मिलेगा। इसकी खोज करना अभी बाकी है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के छात्र जसबीर सिंह, विनोद कुमार और शालू इसके आलावा अन्य सहयोगी, जिनमें संजय दत्त, देवेंद्र कुमार, रवि कुमार अपने नियमित अन्वेषण कार्य कर रहे थे। इस दौरान छात्रों को टीला नंबर फरल-2 से प्राचीन शिव मंदिर की तरफ से नौवीं व 10वीं शताब्दी की पत्थर की प्रतिमाएं मिली हैं।
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देखने पर किसी देवी या द्वारपाल की लगती हैं। यह किसी मंदिर का भाग हो सकती हैं। इसके अलावा यहां से पहले भी नौवीं शताब्दी की विद्याधर की प्रतिमा मिल चुकी है। विभाग के छात्रों का यह मानना है कि ये प्रतिमाएं किसी मंदिर के द्वार का हिस्सा रही होंगी व मंदिर जमीन के अंदर ही कहीं मिलेगा। इसकी खोज करना अभी बाकी है।
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